श्रीलंका रामायण दर्शन यात्रा इस बार यह यात्रा 26 में 2024 को

0
63

भारतीय संस्कृति वैश्विक संस्कृति है इसके शोध व अन्वेषण की सदा आवश्यकता रहती है इसी श्रृंखला में श्रीलंका में स्थित रामायण कालीन ऐतिहासिक स्थानों के संरक्षण संवर्धन हेतु निरंतर 2008 से श्री अजय भाई जी के नेतृत्व में श्रीलंका रामायण दर्शन यात्रा का आयोजन किया जाता है इस बार यह यात्रा 26 में 2024 को होने जा रही हैं।
श्री अजय भाई ने बताया कि आज भी श्रीलंका में रामायण कालीन ऐतिहासिक स्थान हैं जिनमें प्रमुख है विभीषण टेंपल,कलानिया जहां विभीषण जी का राज्याभिषेक हुआ था सीता जी द्वारा स्थापित विश्व का एकमात्र मुनेश्वर शिवलिंगम, राम वोडा मंदिर जहां पर हनुमान जी का श्रीलंका में अवतरण हुआ था यात्रा का प्रमुख केंद्रीय दर्शनीय स्थान है विश्व प्रसिद्ध अशोक वाटिका जहां हनुमान जी ने माता सीता जी से भेंट की थी और मां सीता ने उन्हें आशीर्वाद दिया था ‘अष्ट सिद्धि नव निधि के दाता अस बर दिन जानकी माता अशोक वाटिका से कुछ ही दूरी पर मेघनाथ द्वारा पूजित लंका अधिश्वर टेंपल जहां वह शंकर भगवान का पूजन करने जाता था जिसे आज गायत्री पीठ के रूप में जाना जाता है इसके अलावा 50 से ज्यादा साइट और भी श्रीलंका में रामायण समय की है जिनकी और खोज की जा रही है विगत वर्ष रामसेतु पर भी विशेष शोध कार्य के लिए गए थे आशाएं आने वाले समय में रामसेतु पर भी लोग दर्शन सफलता से कर पाएंगे श्रीलंका की निरंतर यात्रा का ही यह परिणाम है कि आज पुरुषोत्तम मर्यादा भगवान श्री राम व माता सीता से संबंधित यह तीर्थ ,धरोहर निरंतर विकास की ओर अक्सर है और अब अंतरराष्ट्रीय स्थान बन चुके हैं।

यात्रा आयोजक अंतर्राष्ट्रीय रामलीला महोत्सव समिति के अध्यक्ष श्री वेद टंडन जी ने बताया की श्रीलंका की यह यात्रा अपनी संस्कृति व भगवान श्री राम को जानने की यात्रा है विगत वर्षों से श्रीलंका में सीता नवमी महोत्सव का भी अयोजन किया जा रहा जिसके अन्तर्गत अशोक वाटिका में सुंदरकांड का पाठ आयोजन किया गया है इस यात्रा में श्रीलंका सरकार के अनेक मंत्री भाग लेते हैं व कोलंबो में विशेष रामलीला का भी आयोजन किया जाता है भविष्य में अंतरराष्ट्रीय रामलीला महोत्सव समिति विदेश में भी इसी प्रकार की सांस्कृतिक कार्य करेगी। यात्रा प्रमुख श्री संजय राणा ने बताया किसी यात्रा में भारत के अनेक शोधार्थी तथा गणमान्य व्यक्ति भाग ले रहे हैं यात्रा 26 मई 2024 से प्रारंभ होकर 1 जून 2024 को विश्राम होगी जिसके अंदर श्रीलंका में विभिन्न स्थानों पर विभिन्न मंदिरों का दर्शन किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी के दिलीप प्रदेश के अध्यक्ष श्री वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि वास्तव में श्रीलंका यात्रा का यह कार्य भारत की संस्कृति को विश्व में भर में जागृत करने का कार्य है और इस यात्रा के लिए उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की