देश की राजधानी दिल्ली में एक हफ्ते के कंप्लीट लॉकडाउन (Delhi Lockdown) की घोषणा होते ही मजदूरों का पलायन शुरू

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सराय काले खां और आनंद विहार बस अड्डे पर भारी संख्या में प्रवासी मजदूरों की भीड़ उमड़ पड़ी है. आलम ये है कि बसों में लोग बाहर लटक कर सफर कर रहे हैं. के ऐलान के बाद से ही प्रवासी मजदूरों की भीड़ यहां लगातार बढ़ रही है. आलम ये है कि बसों में सीटें फुल हो गई हैं. लेकिन लोग किसी भी तरह दिल्ली से निकलना चाहते हैं. फिर चाहे उन्हें अपने घर तक का सफर बस में खड़े होकर या गेट पर लटककर ही तय क्यों ना करना पड़े. दिल्ली से मजदूरों का पलायन बड़ी मात्रा में होता देख ट्रांस्पोर्टरों ने भी किराया दोगुना कर दिया है. अब दिल्ली से बिहार जाने के लिए बस में 2500 रुपये में सीट दी जा रही है, और 1300 रुपये में जमीन पर बैठा कर ले जा रहे हैं. यह भीड़ कहीं न कहीं कोरोना कैरियर साबित हो सकती है क्योंकि बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क ठीक से लगाए और सामाजिक दूरी का पालन किए अपनी जान दांव पर लगाकर ट्रेन और बस में सफर कर रहे हैं. सीएम अरविंद केजरीवाल ने पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों से अपील करते हुए कहा, ‘यह छोटा लॉकडाउन है और छोटा ही रहेगा. शायद इसे बढ़ाने की जरूरत नहीं पडे़गी. दिल्ली छोड़कर मत जाइएगा. आने-जाने में इतना समय खराब हो जाएगा. सरकार आपका पूरा ख्याल रखेगी. यह निर्णय हमने मुश्किल से लिया है. इन 6 दिनों के लॉकडाउन में हम दिल्ली में बड़े स्तर पर बेड की व्यवस्था करेंगे. केंद्र सरकार हमारी मदद कर रही है.दिल्ली में 1 हफ्ते का लॉकडाउन सोमवार रात 10 बजे से लागू हो जाएगा जो अगले सोमवार को सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा. इस दौरान सिर्फ जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को आवाजाही की इजाजत होगी. वहीं विवाह समारोह में अब सिर्फ 50 लोगों को ही शामिल करने की इजाजत प्रशासन से दी जाएगी.

 

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