कोरोना वायरस का डर क्या इलेक्शन कैम्पेन में ख़त्म हो गया है?

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बिहार में विधानसभा चुनावों में पहले चरण की वोटिंग 28 अक्तूबर को होने वाली है. चुनाव प्रचार के लिए बिहार में बड़ी-बड़ी राजनीतिक रैलियां हो रही हैं और इन रैलियों में लोगों की भारी भीड़ भी उमड़ रही है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) समेत चुनावी अखाड़े में उतर रही रही सभी पार्टियों ने प्रचार अभियान तेज़ कर दिया है. मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से कहा कि कोरोना महामारी के मद्देनज़र वो त्योहार के सीज़न में किसी तरह की लापरवाही न बरतें. उन्होंने लोगों से मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का पालन जारी रखने के लिए कहा है.कुछ रैलियों की वीडियो फुटेज से दिखाई दे रहा है कि लोगों में नेताओं की एक झलक पाने के लिए भगदड़ जैसे हालात बन रहे हैं. इन रैलियों में शामिल हो रही भीड़ में शायद ही कोई मास्क पहनता दिख रहा है. जहां कुछ लोगों का कहना है कि महामारी का सबसे बुरा दौर ख़त्म हो चुका है, वहीं कई जानकार चेतावनी दे रहे हैं कि इतनी जल्दी कोरोना के ख़त्म होने का जश्न मनाना सही नहीं होगा.

बिहार में पहले चरण का मतदान 28 अक्तूबर को होना है. इसके बाद 3 नवंबर और फिर 7 नवंबर को मतदान होना है. चुनावों के नतीजे 10 नवंबर को आएंगे. यहां बीजेपी के अगुवाई वाला गठबंधन एक बार फिर सत्ता में आने की कोशिश कर रहा है. दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस और वामदलों का गठबंधन है. इसके अलावा कुछ क्षेत्रीय पार्टियां भी चुनाव मैदान में हैं.

चुनाव आयोग  ने कोविड-19 के लिए बताए गए नियमों का उल्लंघन करने वाले नेताओं को चेतावनी दी है. लेकिन, ऐसा लग रहा है कि इसका शायद ही कोई असर हुआ हो क्योंकि रैलियों में भीड़ लगातार इकट्ठी हो रही है.

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