खुदकुशी के एक पुराने केस में मुंबई पुलिस ने Republic TV के एडिटर अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी की

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रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के खिलाफ को आत्महत्या के एक पुराने केस में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अर्नब गोस्वामी ने पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी के भी आरोप लगाए हैं। सीनियर जर्नलिस्ट को महाराष्ट्र सीआईडी ने 2018 में इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक की आत्महत्या की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी के बाद उन्होंने अलीबाग पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव और प्रवक्ता सचिन सावंत ने अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी को दिवंगत अनवे नाइक को श्रद्धांजलि करार दिया। उन्होंने कहा, “नाइक और उनकी मां को अर्नब के चैनल द्वारा 80 लाख रुपये का बकाया भुगतान करने में विफल रहने के बाद आत्महत्या करने के लिए मजबूर किया गया था। फडणवीस सरकार इस मामले की जांच करने और मृतक के परिवार के साथ न्याय करने में विफल रही। राजनीतिक दबाव बहुत था। सावंत ने कहा, ‘मोदी सरकार सिर्फ अर्नब की रक्षा कर रही थी क्योंकि उनका चैनल उनके एजेंडे को आगे ले जा रहा था। अपराधी के खिलाफ कार्रवाई की निंदा करने के बजाय, भाजपा को न्याय पाने में अपनी विफलता पर शर्म महसूस करनी चाहिए। हम एमवीए सरकार द्वारा की गई कार्रवाई का स्वागत करते हैं।

दरअसल, यह मामला 2018 का है, जब एक 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां कुमुद नाइक ने मई 2018 में अलीबाग में आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद एक सुसाइड नोट मिला था, जो कथिततौर पर अन्वय द्वारा लिखा गया था। इस सुसाइड नोट में उन्होंने कहा था कि अर्नब गोस्वामी और दो अन्य ने उन्हें 5.40 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया, जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा।

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी की तुलना केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकाल से की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने एक बार फिर लोकतंत्र को शर्मसार किया है। शाह ने कहा कि रिपब्लिक टीवी और अर्नब गोस्वामी के खिलाफ राज्य की सत्ता का दुरुपयोग व्यक्तिगत स्वतंत्रता और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है।

गृह मंत्री ने कहा कि यह हमें आपातकाल की याद दिलाता है। यह प्रेस की स्वतंत्रता पर यह हमला है और इसका विरोध होना चाहिए।

 

अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद सामने आईं अन्वय की पत्नी और बेटी, लगाए आरोप अर्नब की गिरफ्तारी के बाद अन्वय नाइक की पत्नी ने कहा कि मैं वर्ष 2018 को नहीं भूलूंगी। मेरे पति ने अपने सुसाइड नोट में तीन नामों का उल्लेख किया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। मेरे पति की मौत के पीछे अर्नब गोस्वामी हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई हमारे लिए न्याय है। अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक ने कहा कि अर्नब ने मेरे पिता को धमकी दी थी और उनसे कहा था कि वह मेरे पिता का करियर खराब कर देगा। अर्नब ने मेरे पिता के क्लाइंट  समेत सभी से मेरे पिता को कोई काम नहीं देने को कहा था।  इस वर्ष मई में महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने आर्किटेक्ट अन्वय नाइक की बेटी अदन्या नाइक की नई शिकायत के आधार पर फिर से जांच का आदेश दिये जाने की घोषणा की थी। देशमुख ने बताया था कि अदन्या ने आरोप लगाया है कि अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी के चैनल द्वारा बकाया भुगतान ना करने के मामले में जांच नहीं की। उसका दावा है कि इस कारण ही उसके पिता और दादी ने मई 2018 में आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने बताया कि आत्महत्या के मामले में गोस्वामी को रायगढ़ जिले के अलीबाग ले जाया गया है।
अर्नब गोस्वमी की गिरफ्तारी के विरोध में बिहार में प्रदर्शन, BJP कार्यकर्ताओं ने पटना में शिवसेना-कांग्रेस के खिलाफ की नारेबाजी बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस कार्यालय पर बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया है। प्रदर्शन में बीजेपी विधायक संजीव चैरसिया शामिल रहे और उन्होंने कहा कि अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी प्रेस के आजादी के खिलाफ है।

रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्णब गोस्‍वामी की गिरफ्तारी का मामला अब बिहार चुनाव में भी मुद्दा बन रहा है। बुधवार को इसकी गूंज यूपी के सीएम योगी की जनसभाओं में भी सुनाई पड़ी। मधुबनी में चुनावी रैली को सम्‍बोधित करते हुए सीएम योगी ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र का गला घोंटती है। पहले उसने देश पर इमरजेंसी थोपी थी और आज देश के एक बड़े पत्रकार को केवल अपनी स्‍वयं की तुष्टि के लिए गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस, लोकतंत्र के चौथे स्‍तम्‍भ पर हमला कर रही है।

सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस अपनी नाकामी को छिपाने के लिए देश में अराजकता पैदा कर रही है। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस को देश पर 55 साल तक शासन करने का मौका मिला। लोकतंत्र का गला घोंटने का उसका पुराना इतिहास रहा है। 1975 में उसने देश पर इमरजेंसी थोप दी थी। आज भी आपने देखा होगा कि कैसे देश के एक बड़े पत्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्‍होंने कहा कि जनता को देश में अराजकता पैदा करने की छूट किसी को नहीं देनी चाहिए।

 

 

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