300 अरब डॉलर के लक्ष्य के साथ भारतीय कपड़ा उद्योग को विकसित करने का मिशन

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भारत के माननीय प्रधान मंत्री, श्री नरेंद्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में सरकार ने कपड़ा और परिधान क्षेत्र के समग्र विकास के लिए कई उपाय किए हैं। भारत सरकार के एक अनुकूल नीतिगत माहौल और मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप, भारतीय कपड़ा और परिधान उद्योग 2021-22 के दौरान 44.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर के अपने उच्चतम कारोबार को प्राप्त कर सका।

माननीय कपड़ा मंत्री श्री पीयूष गोयल ने निर्यात के लिए 2026 तक 100 अरब डॉलर और उद्योग के लिए 300 अरब डॉलर का लक्ष्य रखा है। भारतीय कपड़ा और परिधान उद्योग दुनिया में सबसे बड़े उद्योगो में से एक है, जिसमें खेत से लेकर फैशन और मेड-अप तक की संपूर्ण कपड़ा मूल्य श्रृंखला मौजूद है। कपड़ा और परिधान उद्योग न केवल भारत के कुल व्यापारिक निर्यात में लगभग 10% का योगदान देता है, बल्कि 105 मिलियन से अधिक कर्मचारियों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी प्रदान करता है। पिछले कुछ दशकों के दौरान वैश्विक क्षेत्र में वस्त्र और परिधान निर्यात में भारत की बाजार हिस्सेदारी में भारतीय कपड़ा और परिधान घरेलू ब्रांडों और खुदरा विक्रेताओं ने एसएमई और बड़े निर्माताओं से खरीद और सोर्सिंग में जबरदस्त वृद्धि दिखाई है।

आनंदय रे (अध्यक्ष) बीएसएल का कहना है कि “हम उद्योग स्तर के सहयोग और सरकारी समर्थन के माध्यम से भारतीय परिधान उद्योग के विकास और कच्चे माल, प्रौद्योगिकी और स्थिरता में उन्नति और तेजी लाना चाहते हैं।”बीएसएल एकमात्र ऐसा निकाय है जो परिधान, फैशन और वस्त्र उद्योग के अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू ब्रांड प्रमुखों, सीईओ, सीएक्सओ और सोर्सिंग प्रमुखों को एक साथ लाता है। बीएसएल 250 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय और घरेलू ब्रांड प्रमुखों, सीईओ, सीएक्सओ, और परिधान, फैशन और सोर्सिंग प्रमुखों के साथ उद्योग के विकास में तेजी लाने के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करने के लिए चुनौतियों, अवसरों और सहयोग समाधानों पर चर्चा करने के लिए एक महत्वपूर्ण निकाय बनकर उभरा है। कपड़ा उद्योग तथा आमंत्रित व्यापार संघ के वरिष्ठ नेतृत्व ने ग्लोकल टेक्सटाइल समिट 2022 का हिस्सा बनने की पुष्टि की है।