राष्‍ट्रीय मल कीचड़ और सेप्‍टेज प्रबंधन (NFSSM) एलाएंस, अपशिष्‍ट उपचार की दिशा में लॉन्‍च किया पहला वेब-प्‍लेटफॉर्म

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राष्‍ट्रीय मल कीचड़ और सेप्‍टेज प्रबंधन (NFSSM) एलाएंस, जो भारत में मल अपशिष्‍ट और सेप्‍टेज प्रबंधन (FSSM) पर चर्चा को आगे बढ़ाने वाला एक सहयोगी निकाय है, ने आज इंडिया फॉर द वर्ल्‍ड India for the World की शुरुआत की है। NFSSM Alliance ने सभी के लिए जीवन की बेहतर गुणवत्‍ता सुनिश्चित करने के लिए 100 प्रतिशत मल अपशिष्‍ट उपचार की दिशा में भारतीय राज्‍यों के अनुकरणीय कार्य को प्रदर्शित करने पहला वेब-प्‍लेटफॉर्म लॉन्‍च करने की घोषणा की है यह एक व्‍यापक इंफोग्राफ‍िक्‍स वाला यह वेब प्‍लेटफॉर्म सुरक्षित और टिकाऊ स्‍वच्‍छता प्रथाओं की दिशा में प्रमुख राज्‍यों के भरोसेमंद कार्यों का उल्‍लेख करते हुए भारत की एफएसएसएम यात्रा पर प्रकाश डालता है।

साक्षी गुदवानी, सीनियर प्रोग्राम ऑफ‍िसर, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन और NFSSM एलाएंस की सदस्‍य, ने कहा, “भारत ने शौचालयों तक पहुंच में सुधार करने में जबरदस्‍त प्रगति की है और यह मानव मल अपशिष्‍ट के उपचार को प्राथमिकता दे रहा है – कई राज्‍यों और शहरों ने एफएसएम और समावेशी स्‍वच्‍छता सेवा वितरण के लिए इन्‍नोवेटिव और बड़े स्‍तर पर समाधानों को लागू किया है। यह जरूरी है कि इस प्रगति से प्राप्‍त सीख को अच्‍छी तरह से प्रलेखि‍त किया जाए और देश के अन्‍य राज्‍यों एवं शहरों में इसे दोहराया जाए तथा दुनिया को भी भारत में हो रहे बेहतर कार्यों से कुछ सीखने को मिले। इंडिया फॉर द वर्ल्‍ड का लक्ष्‍य प्रभावी एफएसएम और समावेशी स्‍वच्‍छता सेवा वितरण समाधानों को लागू करने से प्राप्‍त सीख को दुनिया के साथ साझा करने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करना है।”
नीरा नंदी, सह-संस्‍थापक, दासरा, दासरा NFSSM Alliance का सचिवालय भी है, ने कहा, “इंडिया फॉर द वर्ल्‍ड भारत में न केवल शहरों और राज्‍य सरकारों के लिए बल्कि अंतरराष्‍ट्रीय हितधारकों, जैसे व्‍यवसायियों, अधिकारियों या यहां तक कि धन प्रदाताओं के लिए भी एक महत्‍वपूर्ण संसाधन है। हमारा उद्देश्‍य ईकोसिस्‍टम प्‍लेयर्स के बीच क्रॉस-लर्निंग को बढ़ावा देना है, जो पहले से ही इस ईकोसिस्‍टम में प्रवेश करने की इच्‍छा रखने वाले अन्‍य लोगों को सूचित करने के साथ ही साथ भारत में अपशिष्‍ट जल उपचार प्रणाली की दिशा में काम कर रहे हैं।

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