नाईन ने लॉन्च किए भारत के पहले पीएलए- आधारित सैनिटरी नैपकिन- इको-फ्रैंडली नैपकिन के साथ पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव उत्पन्न करने के लिए तैयार

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भारत में प्रीमियम एवं किफ़ायती हाइजीन समाधान उपलब्ध कराने वाली अग्रणी प्रदाता नाईन सैनिटरी नैपकिन्स ने देश के पहले पीएलए-आधारित बायोडीग्रेडेबल सैनिटरी पैड्स का लॉन्च किया है। ये पैड सीआईपीईटी-सर्टिफाईड हैं, जिसके चलते पैड का 90 फीसदी हिस्सा 175 दिनों के अंदर और शेष हिस्सा 1 साल के अंदर डीकंपोज़ हो जाता है। बाहरी कवर और डिस्पोज़ेबल बैग सहित पूरी पैकेजिंग बायोडीग्रेडेबल है। ये पैड नियमित सैनिटरी पैड की तुलना में अवशोषण, आराम और रिसाव संरक्षण में असाधारण प्रदर्शन प्रदान करते हैंI इसके अलावा ये पैड 100 फीसदी कैमिकल्स से रहित और वेगन हैं तथा सुरक्षित एवं स्थायी विकल्प हैं। नवीकरणीय स्रोतों जैसे स्टार्च और गन्ने से मिलने वाला पीएलए, बायोडीग्रेडेबल एवं कम्पोस्टेबल पॉलिमर है।

भारत को हर माह 1.021 बिलियन सैनिटरी नैपकिन्स के निपटान की चुनौती से जूझना पड़ता है। इन पैड्स को बनाने में भारी मात्रा में प्लास्टिक का इस्तेमाल होता है, जिसे पूरी तरह से डिकंपोज़ होने में 500-800 साल लग जाते हैं। निपटान के सही तरीकों को न अपनाने, जैसे इन्हें जला देने, शौचालय में फ्लश करने या लैण्डफिल में छोड़ने से- पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचता है, साथ ही ये तरीके सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए भी घातक होते हैं। इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए नाईन ने पर्यावरण के अनुकूल सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय कदम बढ़ाया है। ये नैपकिन पर्यावरण के अनुकूल सामग्री जैसे लकड़ी के गूदे, रेज़िन एवं ऑयल, पीएलए-आधारित सामगी्र्र से बनाए जाते हैं। ये सीआईपीईटी एवं आईएसओ जैसे संस्थानों द्वारा निर्धारित बायोडीग्रेडेबिलिटी के सर्वोच्च मानकों का अनुपालन करते हैं।

लॉन्च के अवसर पर नाईन सैनिटरी नैपकिन्स के संस्थापक अमर तुलसीयान ने कहा, ‘‘पांच साल पहले हमारे सामने एक चुनौतीपूर्ण सवाल खड़ा थाः ‘क्या आप स्थायी समाधान बना सकते हैं?’ आज हम गर्व के साथ इस सवाल का जवाब लेकर आए हैं। गहन अनुसंधान, विकास और सर्टिफिकेशन्स के बाद हमने बायोडीग्रेडेबल सैनिटरी नैपकिन लॉन्च किए हैं- जो एक बेहतर कल के निर्माण में योगदान देंगे। खास बात यह है कि हमारी यह उपलबिध यूएन के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप सभी के लिए स्वच्छ पर्यावरण पर ज़ोर देती है। हमें गर्व है कि हमने लोगों को सशक्त बनाने के लिए स्थायित्व की दिशा में यह कदम बढ़ाया है।’’

इस मौके पर नाईन ने ‘एम्पावरिंग वुमेन एण्ड द प्लेनेटः हाओ बायोडीग्रेडेबल सैनिटरी पैड्स आर चेंजिंग द गेम’ विषय पर एक पैनल चर्चा का आयोजन भी किया। इस चर्चा में बायोडीग्रेडेबल सैनिटरी पैड्स के सकारात्मक प्रभावों पर रोशनी डाली गई।

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