मैडम तुसाद ने भारत के योग गुरु, स्‍वामी (बाबा) रामदेव के सम्‍मान में उनकी मोम की प्रतिमा का किया अनावरण

0
95

विश्‍व प्रसिद्ध वैक्‍स म्‍यूजियम मैडम तुसाद न्‍यूयॉर्क ने आज जाने-माने ‘‘योग गुरू’’ स्‍वामी (बाबा) रामदेव की मोम की मूर्ति का अनावरण किया। इस अवसर पर आयोजित भव्‍य कार्यक्रम में बाबा रामदेव स्‍वयं मौजूद थे। उनकी मोम की यह मूर्ति मैडम तुसाद न्‍यूयॉर्क में प्रशंसकों के लिये उपलब्‍ध है, जहां वे उनके साथ तस्‍वीरें खिंचवा सकते हैं एवं इंटरैक्‍ट कर सकते हैं।

बाबा रामदेव को योग क्रियाओं के अपने प्रेरणादायक प्रयासों के लिये नये जमाने के यूथ आइडल के रूप में जाना जाता है। उन्‍होंने सभी उम्र के लोगों को प्रभावित किया है और योग एवं प्रचीन आयुर्वेदिक उपचारों के माध्‍यम से स्‍वस्‍थ जीवन को बढ़ावा दे रहे हैं। मैडम तुसाद न्‍यूयॉर्क की ओर से प्रवक्‍ता टियागो मोगोडोयूरो ने कहा, ‘‘बाबा रामदेव की मोम की मूर्ति का आज अनावरण करते हुये हमें बेहद खुशी हो रही है। , ‘‘योग गुरु की मोम की प्रतिमा को बनाना और उसे स्‍थापित करना उनकी शिक्षाओं की दुनिया भर में पहुंच और प्रभावशाली प्रभाव का प्रमाण है।

योग ऋषि स्‍वामी रामदेव ने कहा, ‘‘आज यह बहुत सम्‍मान का क्षण है क्‍योंकि मैडम तुसाद न्‍यूयॉर्क में वृक्षासन- जो शक्ति और संतुलन दोनों प्रदान करता है- करते हुए मेरी मोम की प्रतिकृति का अनावरण किया है।इसके अलावा, मैं इस सम्‍मान के लिए मैडम तुसाद और उन सभी लोगों के प्रति अपना आभार व्‍यक्‍त करना चाहता हूं, जिन्‍होंने योग और आयुर्वेद की शिक्षाओं को अपनाया है।

बाबा रामदेव, भारत के एक सबसे बड़े और सर्वाधिक प्रतिष्ठित आयुवेद बिजनेस पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के सह-संस्‍थापक के रूप में मशहूर हैं। प्राचीन ज्ञान को नये जमाने की तकनीकों के साथ मिलाते हुये आयुर्वेद के असली सार को प्रस्‍तुत करने में उन्‍होंने एक बेहद महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई है। मैडम तुसाद के शिल्पकारों ने, लंदन की पिछली यात्रा के दौरान, बाबा रामदेव के साथ बैठकर मूर्ति के निर्माण के लिये 200 से अधिक सटीक माप और तस्वीरें लीं। इस तरह उन्‍होंने यह सुनिश्चित करने का भरपूर प्रयास किया है कि उनकी मोम की मूर्ति के निर्माण में एक यथार्थवादी समानता हो।