दिल्ली के कार मालिकों के लिए चिंता के 3 कारण, रोड रेज, पेंडिंग चालान और ईंधन की कीमतें

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कार मालिकों के लिए सुपर ऐप पार्क प्लस, जहां भारत के कार मालिकों की सबसे बड़ी-1.5 करोड़ कारों- की कम्युनिटी है ने आज दिल्ली-एनसीआर में अपने सर्वे के परिणाम घोषित किए हैं। यह सर्वे दिल्ली एनसीआर में 18000 कार मालिकों के साथ किया गया, जिसमें दिल्ली एनसीआर की सड़कों पर कार चलाने वालों की मानसिक शांति एवं चिंताओं को समझने का प्रयास किया गया।

दिल्ली एनसीआर में कार मालिकों के लिए चिंता का सबसे बड़ा विषय है रोड रेज- जिसके मुख्य कारण हैं अक्सर होने वाले ट्रैफिक जाम, सड़क की मुश्किल परिस्थितियां, बुनियादी सुविधाओं की कमी, बसों और कारों के बीच आते दोपहिया वाहन, लोगों के द्वारा यातायात नियमों का पालन न किया जाना (गलत साईड पर वाहन चलाना, अवैध पार्किंग, ओवरस्पीड), टै्रफिक लाईट्स का पालन न करना और इसके अलावा रैली, विरोध प्रदर्शन या वीआईपी आवागमन के कारण सड़कें बंद होना। पेंडिंग चालान- ज़्यादातर कार मालिकों के लिए बड़ी परेशानी का कारण है, क्योंकि अक्सर उन्हें ऑनलाईन चालान चैक करने की जानकारी नहीं होती और वे इस बारे में जागरुक नहीं होते। जिसके चलते उन पर कई तरह के जुर्माने देय हो जाते हैं। ई-चालान इसमें गेम-चेंजर साबित हुए हैं, हालांकि ज़्यादातर यूज़र ऑनलाईन अपने चालान चैक नहीं कर पाते या उनकी कार के साथ मोबाइल नंबर रजिस्टर नहीं होता, जिसके चलते उन तक चालान की जानकारी नहीं पहुंच पाती।

अमित लाखोटिया, संस्थापक एवं सीईओ, पार्क प्लस ने कहा, ‘‘पार्क प्लस में हम लोगों को कार की खरीद का बेहतर अनुभव प्रदान करना चाहते हैं। हम कार मालिकों की तीन समस्याओं को हल करना चाहते हैं- रोड रेज, पेंडिंग चालान और पेट्रोल की कीमतें। इसी के मद्देनज़र हमने अपने ऐप पर ओफेन्स रिपोर्टर सर्विसेज़ लॉन्च की हैं, हमने कई पार्टनर्स के साथ साझेदारी भी की है ताकि यूज़र आसानी से डिजिटल तरीकों से अपने चालान भर सकें, इसके अलावा हमने ‘इंडिया का सबसे सस्ता पेट्रोल’ उपलब्ध कराने के लिए इंडियन ऑयल के साथ भी साझेदारी की है।

श्रीवास्तव ,रोड सेफ्टी अम्बेसडर- आईआरएफ, आईटी अडवाइज़र आईटीडीए, उत्तराखण्ड और प्रेज़ीडेन्ट आईटीएस इंडिया फोरम ने कहा, ‘‘दिल्ली एनसीआर की सड़कों पर रोड रेज के मामले बहुत अधिक बढ़ रहे हैं, क्योंकि पार्किंग और यातायात जाम यहां बड़ी समस्याएं बन चुकी हैं। संभवतया दिल्ली एनसीआर के कार मालिकों पर सबसे ज़्यादा चालान पेंडिंग हैं, यहां जारी किए जाने वाले ई-चालान की संख्या सबसे अधिक है। इस सर्वे के परिणाम ज़मीनी हकीकतों पर आधारित हैं।