मासिक शिवरात्रि से इन राशियों की चमक जाएगी किस्मत, सावन में ये मंत्र दिलाएंगे बड़ा लाभ

वैसे तो सावन का महीना ही अपने आप में बहुत खास है. क्योंकि यह हिंदू धर्म (Hindu Dharma) का पवित्र और भगवान शिव (shiv ji) का प्रिय माह होता है. इसलिए इस माह पड़ने वाले व्रत-त्योहारों का महत्व भी कई गुणा बढ़ जाता है
बात करें मासिक शिवरात्रि की तो, मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होती है. इस दिन भगवान शिव की पूजा-व्रत का विधान है. वहीं सावन महीने में पड़ने वाली शिवरात्रि का खास महत्व होता है. क्योंकि सावन और शिवरात्रि दोनों ही शिवजी को समर्पित है
इस वर्ष सावन मासिक शिवरात्रि शुक्रवार 02 अगस्त 2024 को है. इस दिन कई राशियों की किस्मत चमकने वाली है. आइये जानते हैं सावन शिवरात्रि पर महादेव किन राशियों पर बरसाएंगे अपनी कृपा?
सावन मासिक शिवरात्रि इन 5 राशियों के लिए अतिशुभ
मिथुन राशि (Gemini): मासिक शिवरात्रि पर महादेव मिथुन राशि वाले जातकों पर खूब कृपा बरसाएंगे और आपकी सभी मनोकामना पूर्ण होगी. साथ ही उन्नति के नए-नए मार्ग भी प्रशस्त होंगे. इस दौरान आपको आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र से विशेष लाभ प्राप्त होगा.
सिंह राशि (Leo): सिंह राशि वालों के लिए भी सावन मासिक शिवरात्रि बहुत खास रहेगा. शिवजी की कृपा से वैवाहिक रिश्ते में मधुरता आएगी. वहीं अविवाहितों का विवाह तय होने की संभावना है. रुके व अटके काम सफलतापूर्वक पूर्ण हो जाएंगे और आप जीवन का भरपूर आनंद लेंगे.
कन्या राशि (Virgo): इस राशि के जातकों के मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव की कृपा से अपार धन का लाभ होगा. नौकरी-व्यापार से जुड़े लोगों की भी तरक्की संभव है. किसी महत्वपूर्ण कार्य को यदि आप लंबे समय से करने का इंतजार कर रहे थे तो वह अब पूरी हो जाएगी.
तुला राशि (Libra): सावन मासिक शिवरात्रि पर वर्षा की तरह आप पर शिवजी का आशीर्वाद बरसने वाला है और आपकी सभी परेशानियों का निवारण होने वाला है. इस दौरान धनलाभ भी संभव है. आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, पारिवारिक रिश्ते मधुर होंगे और वैवाहिक संबंध मजबूर बनेंगे.
मीन राशि (Pisces): मासिक शिवरात्रि की तिथि मीन राशि वाले जातकों के लिए भी अतिशुभ रहने वाली है. आपको इस दिन खूब लाभ होगा, जिससे आप अपनी जीवनशैली को बेहतर बनाने में कामयाब होंगे.
सावन में ये मंत्र दिलाएंगे बड़ा लाभ
ऊं नम: शिवाय
ओम त्र्यंबकम याजमाहे सुगंधिम पुष्ठी वर्धनम
उर्वारुकैमिवा बंधनाथ श्रीमती सुब्रमण्यम
ओम तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय
धीमहि तन्नो रुद्र: प्रचोदयात।
करारचंद्रम वैका कायाजम कर्मगम वी
श्रवणनजम वा मनामम वैद परामहम
विहितम विहिताम वीए सर मेट मेटाट
क्षासव जे जे करुणाबधे श्री महादेव शंभो



