प्रशासन

नारीशक्ति वंदन अधिनियम भारत में महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम जिलाध्यक्ष डॉ यू के चौधरी

डॉ यू के चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद करते हुए मीडिया को बताया भारत में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से बनाया गया एक महत्वपूर्ण कानून है। यह अधिनियम संसद लोकसभा व राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% (एक-तिहाई) सीटों का आरक्षण सुनिश्चित करता है, ताकि राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ सके। इसे आधिकारिक रूप से संविधान संशोधन अधिनियम, 2023 कहा जाता है। महिलाओं के आरक्षण की मांग कई वर्षों से चल रही थी।

मोहन गोयल ने बताया पहली बार यह बिल 1996 में पेश हुआ था, लेकिन पास नहीं हो सका। यह महिलाओं की आवाज को संसद व विधानसभा मे बहुत मजबूती देगा। यह भाजपा की ही देन है क्यूंकि भाजपा महिला और समाज के हर वर्ग के वारे मे चिंतन करती है।

दीपक चौहान ने कहा नारिशक्ति वंदन अधिनियम का उदेश्य है कि महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिलेगा। नीति निर्माण में महिलाओं के मुद्दों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। लोकतंत्र और अधिक समावेशी बनेगा, 33% आरक्षण लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में कुल सीटों का एक तिहाई महिलाओं के लिए आरक्षित होगा। यह आरक्षण 15 वर्षों के लिए लागू रहेगा आवश्यकता अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है। SC/ST महिलाओं के लिए आरक्षण अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों में भी 33% सीटें महिलाओं के लिए होंगी। सीटों का रोटेशन आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदलती रहेंगी, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों की महिलाओं को अवसर मिले।

निर्मला उप्रेती ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी ने पहले से दूरगामी सोच रखते हुए महिलाओं को सशक्त बनाया है। उज्ज्वला योजना से महिलाओं को लाभ मिला हर घर बाथरूम और शौचालय व हर घर नल पंहुचाकर महिलाओं को एक बेहतर जीवन प्रदान किया है। स्वेता कौशिक ने बताया यह अधिनियम 106वा अधिनियम है और कानूनी तरीके से अब ये लोकसभा मे जल्द पास होगा जिससे की आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों मे जीतकर सांसद पहुंचने वाली हम महिलाओं की आवाज को 33% बढ़ोतरी के साथ देखेंगे। वार्ता मे मनी बंसल ने भी इस अधिनियम का पुरजोर समर्थन किया और एक अच्छी शुरुआत बताई र्डॉ दीपमाला व अन्य सामाजिक महिलाये उपस्थित रही।

Related Articles

Back to top button