ऑर्किड्स स्कूल ने अपनी एकेडमिक टीम के लिए आईआईटी के 200 से ज्यादा ग्रेजुएट्स की भर्ती की

शिक्षा के परिदृश्य में एक नई पहल करते हुए, ऑर्किड्स द इंटरनेशनल स्कूल ने आज अपने स्कूलों में आईआईटी की प्रतिभाओं को शामिल करने की घोषणा की है। ऑर्किड्स ने हाल ही में आईआईटी से पढ़े 200 लोगों को अपने यहाँ शिक्षक बनाया है। यह लोग कक्षा 6 से 12 में भौतिकी, रसायन-शास्त्र और गणित जैसे विषयों के लिये ऑर्किड्स कॅरियर फाउंडेशन प्रोग्राम का विस्तार करेंगे। इन प्रतिभाओं की भर्ती आईआईटी कानपुर, आईआईटी मंडी, आईआईटी भुवनेश्वर से की गई है। यह आईआईटी टीचर्स केवल पढ़ाएंगे नहीं, बल्कि निजी और पेशेवर विकास में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन भी करेंगे। यह मार्गदर्शन उनकी पसंद के कॅरियर, शोध या उद्यमशीलता के लिये मिलेगा। ऑर्किड्स का ओसीएफपी प्रोग्राम स्टेम विषयों को पसंद और नापसंद करने वालों के बीच का अंतर दूर करता है और जीवनभर सीखने की रुचि जगाता है। इस तरीके से हर बच्चा अपनी पूरी क्षमता को हासिल कर सकता है। इस विधि से अधिकतर विद्यार्थी स्कूल में भी सफल होते हैं और स्टेम में असरदार कॅरियर के लिये आगे बढ़ते हैं। अभी ओसीएफपी के भारत में 100 से अधिक शिक्षक सदस्य हैं। यह विस्तार इस प्रोग्राम की सफलता का स्पष्ट संकेत देता है और अच्छी गुणवत्ता की स्टेम शिक्षा की बढ़ती आवश्यकता भी दिखाता है। ऑर्किड्स कॅरियर फाउंडेशन प्रोग्राम के प्रमुख श्लोक श्रीवास्तव ने समझाते हुए कहा: ‘‘आईआईटी से पढ़े हुए लोग कक्षा में एक नई तरह की सीख लाते हैं। वे विज्ञान, गणित, इंजीनियरिंग और तकनीक के विषयों को बहुत अच्छे से समझते हैं और इनका इस्तेमाल भी करना जानते हैं। इससे वे बच्चों को मुश्किल विषयों को आसानी से समझने में मदद करते हैं।
गहन शैक्षणिक वातावरण और शोध पर आधारित संस्कृति उन्हें सिखाती है कि विद्यार्थियों के सवालों और ज्ञान की खोज को पसंद किया जाना चाहिये। इसलिये आईआईटी के लोग शिक्षक बनकर सैद्धांतिक समझ और प्रायोगिक अनुप्रयोगों के बीच का अंतर दूर कर सकते हैं और स्टेम की शिक्षा को ज्यादा रुचिकर एवं प्रासंगिक बना सकते हैं।ओसीएफपी प्रोग्राम के साथ ऑर्किड्स द इंटरनेशनल स्कूल लगातार बढ़ रहा है। वह कक्षा से बाहर की गतिविधियों से चैम्पियंस बनाने का अपना सर्वांगीण तरीका मजबूती के साथ अपनाये हुए है। यह एक नई पहल है, जिसने स्कूलों की इस श्रृंखला को सफलता के बड़े मंचों के लिये प्रतिभाओं को गढ़ने का उत्साह दिया है।



