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भारत को जीसीसी के लिए ग्लोबल अकाउन्टिंग एवं फाइनैंस हब के रूप में बढ़ावा देने के लिए किया विशेष समूह का गठन

द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) जीसीसी समिट सीरीज़ का आयोजन करने जा रहा है जिसका विषय होगा ‘लैजर से लेकर ग्लोबल लीडरशिप तकः चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट्स ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटरों को दे रहे नया आयाम (From Ledger to Global Leadership: Chartered Accountants Shaping Global Capability Centres)’ इस सीरीज़ का पहला सम्मेलन 27-28 जून 2025 को नई दिल्ली में होगा। इसके बाद क्षेत्रीय संस्करणों का आयोजन अहमदाबाद (गिफ्ट सिटी), मुंबई एवं हैदराबाद में किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य जीसीसी (ग्लोबल केपेबिलिटी सेंटर) सिस्टम में भारत के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाना तथा विश्वस्तरीय परिवेश में भारतीय चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट्स की महत्वपूर्ण भूमिका पर रोशनी डालना है।कई सरकारी संगठन ईको पार्टनर्स के रूप में जीसीसी समिट सीरीज़ को अपना समर्थन दे रहें हैं। इन संगठनों में विदेश मंत्रालय, विद्युत एवं सूचना प्रोद्यौगिकी मंत्रालय, आईएफएससीए, एसईपीसी, इन्वेस्ट इंडिया, एनएसडीसी और आईआईएम संबलपुर शामिल हैं।वर्तमान में भारत में 1800 से अधिक जीसीसी अपना संचालन कर रहे हैं, जो 1.9 मिलियन प्रोफेशनल्स को रोज़गार देते हैं। देश ने फाइनैंस, इनोवेशन एवं कारोबार संचालन के ग्लोबल हब के रूप में अपने आप को मजबूती से स्थापित कर लिया है। इस अवसर पर सीए चरणजोत सिंह नंदा, प्रेज़ीडेन्ट, आईसीएआई ने कहा, ‘‘भारत जीसीसी विकास के अगले चरण का नेतृत्व करने के लिए मजबूत स्थिति में है। चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट्स डिजिटल फाइनैंस, विनियामक अखंडता एवं विश्वस्तरीय प्रशासन को बढ़ावा देने में मुख्य भूमिका निभाते हैं। यह सम्मेलन उद्योग जगत के विशेषज्ञों एवं चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट्स को एक मंच पर लेकर अएगा, उन्हें व्यवहारिक समाधानों, नीतियों एवं रूझानों पर चर्चा करने का मौका देगा, जो इस क्षेत्र की मुश्किलों को हल कर ग्लोबल जीसीसी हब के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत बना सकते हैं।’
सम्मेलन से पहले सीए प्रसन्ना कुमार डी, वाईस प्रेज़ीडेन्ट, आईसीएआई ने कहा, ‘‘भारत का जीसीसी सिस्टम लगातार विकसित हो रहा है, लेकिन विनियामक स्पष्टता, कराधान नीतियां एवं संचालन के उभरते ढांचे के बीच इसे कई चुनौतियों का सामाना करना पड़ता है। ऐसे में यह सम्मेलन आपसी सहयोग एवं लीडरशिप के लिए मंच प्रदान कर जीसीसी सिस्टम के भविष्य को नया आकार देगा। चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट्स- फाइनैंस, अनुपालन, कराधान, जोखिम प्रबन्धन, प्रशासन एवं बिज़नेस एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में सामरिक एवं संचालानात्मक उत्कृष्टता प्रदान करने में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। जीसीसी में उनकी बढ़ती मौजूदगी और प्रभाव आज के दौर में कारोबार के मुश्किल माहौल के बीच उनके महत्व को दर्शाता है।
आईसीएआई उद्योग जगत के पेशेवरों, जीसीसी लीडरों, नीति निर्माताओं एवं चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट्स को इस चर्चा में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित करता है, जो भारत में विश्वस्तरीय फाइनैंशियल लीडरशिप के भविष्य को आकार देने के लिए तैयार है। अधिक जानकारी के लिए विज़िट करें: https://gcc.icai.org

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