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डिस्कवर इंडिया: गूगल आर्ट्स एंड कल्चर पर प्राचीन वंडर्स से लेकर स्वादिष्ट पकवानों तक सबकुछ

भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अद्भुत विविधता हमेशा से गूगल आर्ट्स एंड कल्चर के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है। आज हम दो नए अनुभव पूरी दुनिया के लोगों के लिए लेकर आए हैं, जिन्हें वे आसानी से खोज सकते हैं।

एलिफेंटा की गुफाओं की वर्चुअल एक्सहिबिशन के जरिए भारत की प्राचीन कला का उत्सव

मुंबई से एक घंटे की फेरी की दूरी पर स्थित एलिफेंटा आइलैंड पर एलिफेंटा की गुफाएँ हैं, जो कि यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट हैं। यूनेस्को ने इन्हें “पश्चिम भारत की चट्टानों पर बनी वास्तुकला का सबसे शानदार उदाहरण” बताया है। ये गुफा मंदिर, करीब 1500 साल पुराने हैं और इनका निर्माण 5वीं से 8वीं शताब्दी के बीच हुआ था।

प्राचीन भारतीय कला के इस अनमोल रत्न को दुनिया के सामने लाने के लिए गूगल आर्ट्स एंड कल्चर ने सायआर्क (CyArk), भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय (सीएसएमवीएस) और 12 अन्य संस्थानों के साथ मिलकर “एक्स्प्लोर एलिफेंटा केव्स” की शुरुआत की है। इस पहल के ज़रिए लोग इन प्राचीन गुफाओं को वर्चुअली देख और समझ सकते हैं। इसमें 3डी स्कैनिंग और जनरेटिव एआई जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है ताकि दर्शकों को एक जीवंत और रोमांचक अनुभव मिल सके।
सायआर्क ने इंस्ट्यूसन ट्रस्ट और एएसआई के साथ मिलकर एलिफेंटा गुफाओं के मुख्य मंदिर को डिजिटली सुरक्षित करने के लिए 3 डी लीडर स्कैनिंग तकनीक का इस्तेमाल किया। (लीडर एक मैपिंग तकनीक है जो लेज़र लाइट की मदद से सतहों के बहुत ही सटीक 3डी नक्शे बनाती है।) एक हफ्ते तक, सायआर्क की टीम, जिसमें कुछ लोग मुंबई आए थे ताकि इंस्ट्यूसन के स्थानीय साझेदारों को प्रशिक्षण दे सकें, हर दिन छोटी मछली पकड़ने वाली नावों से अपने खास उपकरण लेकर एलिफेंटा पहुंचती रही।

एलिफेंटा में टीम ने बहुत ही बारीकी से 6,500 से ज़्यादा तस्वीरें और 197 लेज़र स्कैन लिए। इसके साथ ही उन्होंने पुरातत्व विशेषज्ञों जैसे डॉ. आंद्रे बैपटिस्टा और डॉ. कुरुश दलाल से ज़रूरी जानकारियाँ भी रिकॉर्ड कीं। मेहनत और समर्पण का यह काम अब एलिफेंटा की मुख्य गुफा की खूबसूरत और जटिल कला को दुनियाभर के लोगों तक वर्चुअल रूप में पहुँचा रहा है।

यह डिजिटल प्रदर्शनी सीएसएमवीएस द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण पुरातात्विक वस्तुओं की तस्वीरों से और भी समृद्ध हो गई है। ये वस्तुएँ एलिफेंटा आइलैंड पर खुदाई में मिली थीं, जिनमें मूर्तियाँ, मिट्टी के बर्तन के टुकड़े और तांबे की थालियाँ शामिल हैं। ये चीज़ें वहाँ रहने वाले लोगों द्वारा सदियों से किए जा रहे धार्मिक रीति-रिवाजों की झलक देती हैं।

पहली बार, दुनिया भर के लोग एलिफेंटा गुफाओं के “टॉकिंग टूर” पर निकल सकते हैं। इस अनोखे अनुभव में, कोई भी व्यक्ति इस ऐतिहासिक स्थल को वर्चुअली देख सकता है और साथ ही गूगल एआई द्वारा तैयार किए गए लाइव ऑडियो गाइड की मदद से इसकी जानकारी भी सुन सकता है। इस नई तकनीक की खास बात यह है कि इसमें लोग अपने सवाल भी पूछ सकते हैं, जिससे वे इस स्थल को और गहराई तथा व्यक्तिगत रूप से समझ सकते हैं।

यह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म एलिफेंटा गुफाओं की सांस्कृतिक विरासत का उत्सव है, जिसे 15 संग्रहों के सहयोग से पेश किया गया है। ये गुफाएँ केवल ऐतिहासिक स्मारक नहीं हैं, बल्कि यह प्राचीन भारतीय कला और इंजीनियरिंग की अद्भुत क्षमताओं का जीवित प्रमाण भी हैं, जिन्हे भारतीय कला की एक सर्वोत्तम अभिव्यक्ति कहा जा सकता है।

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