मेटेसिया 2025 प्रदर्शनी का आगाज़, नवाचार और डिज़ाइन पर फोकस

मेटेसिया बिल्डिंग मटेरियल एग्ज़िबिशन 2025 आज से इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, यशोभूमि, द्वारका, नई दिल्ली में शुरू हो गया है। यह बहुप्रतीक्षित वार्षिक प्रदर्शनी आर्किटेक्ट्स, डिज़ाइनर्स और निर्माण व बिल्डिंग मटेरियल उद्योग से जुड़े लोगों को एक साथ लाती है, जहाँ नए उत्पाद और सेवाएँ प्रदर्शित की जाती हैं। इस प्रदर्शनी में डिज़ाइन, आर्किटेक्चर और निर्माण क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का भी सम्मान किया जा रहा है।
भव्य उद्घाटन डॉ. किरण बेदी (पूर्व उपराज्यपाल, पुडुचेरी एवं रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी) द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री राजेश मित्तल (प्रेसिडेंट, फिप्पी एवं सीएमडी , ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज लिमिटेड) और श्री एन.के. अग्रवाल (पैट्रन, फिप्पी एवं चेयरपर्सन, एक्शन टेसा ग्रुप) भी मौजूद रहे। साथ ही श्री एम.पी. सिंह (डायरेक्टर जनरल, FIPPI), और कई कंपनियों जैसे सेंचुरी प्लाइबोर्ड्स, मेरीनो, रशिल, डोरसेट, वीआईआरजीओ, एलाइड रेज़िन्स आदि के अध्यक्ष, प्रमुख और गणमान्य लोग उपस्थित थे।
श्री एम.पी. सिंह, डायरेक्टर जनरल, फिप्पी के साथ कई कंपनियों के चेयरपर्सन, प्रेसिडेंट और गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें सेंचुरी प्लाइबोर्ड्स, मेरीनो, रशिल, डोरसेट, वीआईआरजीओ, एलाइड रेज़िन्स और अन्य शामिल हैं। यह प्रदर्शनी फसाड, डेकोरेटिव पैनल, फर्नीचर और हार्डवेयर उद्योग से भी जोशपूर्ण भागीदारी देख रही है। मैटेसिया ने कई सम्मानित अतिथियों और विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों का हार्दिक स्वागत किया। इनमें एआईपीएमए (AIPMA), आईएलएमए (ILMA),नारेडको (NAREDCO), एआईपीएम (AIPM), एआईएमएमए (AIMMA), माहि (MAHI), सीपमा (SIPMA), एलएमएसए (LMSA), यूपीपीएमए(UPPMA) , एचपीएमए(HPMA) , एसओपीएमए(SOPMA), एफएमटी (AFMT), केटिए (KTA), एआईपीएलआई(AIPLI )जैसी संस्थाएँ शामिल हैं।
वर्तिका द्विवेदी, सह-संस्थापक, मेटेसिया ने कहा कि अपने 10वें वर्षगांठ के अवसर पर वेड एशिया, इंडिया विज़न फाउंडेशन के साथ मिलकर अगले 10 सालों तक पाँच बालिकाओं की पढ़ाई बिना रुके जारी रखने में मदद करेगा। इस साल की प्रदर्शनी 5,00,000 वर्ग फुट में फैली हुई है, जहाँ 450+ प्रदर्शक नवीनतम बिल्डिंग मटेरियल्स, सजावटी सतहें, इंटीरियर उत्पाद और तकनीकें प्रदर्शित कर रहे हैं। यहाँ 73,000 से अधिक आगंतुक आएंगे, जो भारत के 600+ शहरों और 20+ देशों से होंगे।



