ग्रीनप्लाई ने मैटेसिया 2026 में पेश की भारत के वुडन पैनल उद्योग की नई तस्वीर

ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड, मैटेसिया 2026 के माध्यम से एक स्पष्ट और महत्वपूर्ण संदेश दे रही है कि प्लाईवुड और एमडीएफ अब महज कंस्ट्रक्शन मटीरियल नहीं, बल्कि ‘इंजीनियर्ड परफॉर्मेंस सिस्टम’ हैं। यह प्रदर्शनी कंपनी के छह प्रमुख स्तंभों – आग, पानी, सुरक्षा, मजबूती, डिज़ाइन और उत्सर्जन (एमिशन) – के क्षेत्र में किए गए उसके अत्याधुनिक नवोन्मेष को एक मंच पर प्रस्तुत करती है। इस लाइनअप में अग्रणी है: क्लब 700 (प्रीमियम प्लाईवुड), टर्मीवैक्स (भारत का पहला दीमक-रोधी वैक्सीनेटेड प्लाईवुड), नए एक्सप्रो रंग, और ‘नेवर बिफोर टीक’ की अवधारणा। प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण ग्रीनप्लाई गोल्ड है, जो डबल एश्योरेंस पर आधारित श्रेणी की पहली सुरक्षा योजना पेश कर रहा है। इसमें 11 साल की पूरी सुरक्षा और 30 साल की वारंटी मिलती है, जिसमें रिप्लेसमेंट, रेस्टोरेशन, मटीरियल और परिवहन का खर्च शामिल है। यह प्लाईवुड उद्योग में ‘वारंटी’ के लिहाज़ से नए मानक स्थापित कर रहा है। हालांकि यह वारंटी लागू नियमों और शर्तों पर निर्भर है। इस अनुभव के केंद्र में है, जापानी सूमो रेसलिंग अभियान, जो बेहद प्रभावशाली तरीके से एमडीएफ की भार सहने की क्षमता को सामने लाता है। यह अभियान ‘सायको हिन्शितु’ (सर्वोच्च गुणवत्ता) और ‘काईज़ेन’ (निरंतर सुधार) जैसे जापानी सिद्धांतों से प्रेरित है। ये वे मूल्य हैं जो ग्रीनप्लाई के विनिर्माण के दृष्टिकोण की बुनियाद हैं। वहीं, एआई-आधारित इंटरैक्टिव ज़ोन उत्पादों की खोज को अधिक सहज और रोचक बनाता है, यह संकेत देते हुए कि वुडन पैनल कैटेगरी में प्रौद्योगिकी, अनुभव और उपभोक्ता जुड़ाव का भविष्य किस दिशा में बढ़ रहा है।
ग्रीनप्लाई गोल्ड के तहत विस्तारित सुरक्षा योजना शामिल है, जिसे भारत की प्लाईवुड श्रेणी में अब तक के सबसे व्यापक सुरक्षा दायरों में से एक माना जा रहा है। इस पहल का केंद्र है, ‘डबल एश्योरेंस’ (दो-स्तरीय सुरक्षा का वादा), जिसमें शामिल हैं:
• 11 साल की पूरी सुरक्षा – कोई परोक्ष शर्त नहीं, कोई आंशिक दावा नहीं
• 30 साल की वारंटी, जिसमें रिप्लेसमेंट, रेस्टोरेशन, मटीरियल और परिवहन की लागत शामिल है
• ऐसी शर्तें जो उस अस्पष्टता को दूर करती हैं जो आमतौर पर पूरे उद्योग में प्लाईवुड वारंटी को कमज़ोर बनाती हैं
जहां ज़्यादातर वारंटी में सिर्फ उत्पाद की खराबी को सुरक्षा दायरे में शामिल किया जाता है, वहीं ग्रीनप्लाई गोल्ड का ‘डबल एश्योरेंस’ इसे ठीक करने की पूरी लागत को कवर करता है। इस तरह यह भारत की वुडन पैनल उद्योग में सबसे व्यापक सुरक्षा योजना है और इससे स्पष्ट है कि ग्रीनप्लाई की ‘मटीरियल सप्लायर’ से आगे बढ़कर ‘प्रदर्शन की गारंटी देने वाली कंपनी’ बनने की दिशा में तब्दील हो रही है।
अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक राजेश मित्तल ने मैटेसिया 2026 में ग्रीनप्लाई की मौजूदगी पर अपनी टिप्पणी में कहा: “42 सालों से, ग्रीनप्लाई भारत और उसकी बदलती आकांक्षाओं के साथ आगे बढ़ा है। हमने हमेशा ग्राहकों की भविष्य की ज़रूरतों को समझने और असल समस्याओं को हल करने के लिए नवोन्मेष करने पर ध्यान दिया है। वुडन पैनल उद्योग बड़े बदलाव के दौर से गुज़र रहा है, जिसमें प्लाईवुड और एमडीएफ तेज़ी से इंजीनियर्ड, प्रदर्शन केंद्रित और टेक्नोलॉजी आधारित होते जा रहे हैं। मैटेसिया में हम जो पेश कर रहे हैं, उससे इस बदलाव में अग्रणी रहने की हमारी महत्वाकांक्षा रेखांकित होती है। हम टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, विनिर्माण की विशेषज्ञता और ग्राहकों की समझ को मिलाकर ऐसे उत्पाद बना रहे हैं जो अधिक सुरक्षित, मज़बूत और भविष्य की ज़रूरतें पूरे करने के लिए तैयार हैं। हमारा मानना है कि इस उद्योग के विकास का अगला चरण प्रदर्शन, गुणवत्ता और नवोन्मेष के मानक को ऊपर उठाने से आएगा, और ग्रीनप्लाई उस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
यह प्रदर्शनी बड़े पैमाने पर परिचालन और ज़िम्मेदारी निभाने पर केंद्रित है। कंपनी ने 9 करोड़ से ज़्यादा पेड़ लगाए हैं, साथ ही वह ‘वन शीट, वन ट्री’ पहल के ज़रिए ग्रीनप्लाई के 10 करोड़ पेड़ लगाने के लक्ष्य की ओर बढ़ रही है।
नए दौर की उत्पाद इंजीनियरिंग, सुरक्षा पर केंद्रित पेशकशों, डिज़ाइन में नवोन्मेष और टेक्नोलॉजी-आधारित अनुभवों को एक ही प्रदर्शनी में पेश कर, कंपनी यह दिखा रही है कि वुडन पैनल श्रेणी पारंपरिक मटीरियल से आगे बढ़कर बेहतर प्रदर्शन और लक्ष्य-आधारित समाधानों की ओर बढ़ रही है।



