दिल्ली एनसीआर

हर्ष विहार हादसे में जान गंवाने वाले पिता-पुत्र के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए – जय भगवान गोयल

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर 2026। यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं राष्ट्रवादी शिवसेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री जय भगवान गोयल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने हर्ष विहार स्थित डी-497, गली नंबर-14 पहुंचकर मृतक चन्द्रपाल एवं उनके पुत्र विजय कुमार के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान परिवार के सदस्यों ने रोते-बिलखते हुए हादसे की दर्दनाक आपबीती सुनाई और राहत एवं बचाव कार्य में गंभीर लापरवाही बरते जाने के आरोप लगाए। हर्ष विहार में मकान गिरने के दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले चन्द्रपाल एवं उनके पुत्र विजय कुमार के परिजनों को न्याय दिलाने तथा प्रत्येक मृतक के परिवार को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग को लेकर श्री जय भगवान गोयल ने दिल्ली की मुख्यमंत्री एवं उपराज्यपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने हादसे के कारणों और राहत एवं बचाव कार्य में हुई कथित देरी की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के अनुसार रविवार शाम लगभग 5 बजे हादसा हो गया था, लेकिन मलबा हटाने का कार्य रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच शुरू किया गया। परिवार का आरोप है कि हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे रवि के भतीजे को स्थानीय पुलिसकर्मियों ने डंडे मारकर वहां से भगा दिया। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के तुरंत बाद भवन मालिक बाहर से ताला लगाकर मौके से फरार हो गया। मृतक विजय कुमार की पत्नी श्रीमती अनीता देवी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद नगर निगम एवं अन्य अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाई कि उनके पति और ससुर मलबे के नीचे दबे हुए हैं, इसलिए तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जाए। उन्होंने अपने खर्च पर जेसीबी मशीन बुलवाने की पेशकश भी की, लेकिन उनके अनुसार किसी अधिकारी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया।

परिवार के अन्य सदस्यों, जिनमें विजय कुमार के बच्चे, चन्द्रपाल के दूसरे पुत्र की विधवा श्रीमती रीना देवी, विजय की बहन एवं भाई पंकज शामिल हैं, ने भी रोते हुए आरोप लगाया कि यदि समय रहते मलबा हटाने और बचाव कार्य शुरू कर दिया जाता, तो उनके परिवार के दोनों सदस्यों की जान बचाई जा सकती थी।

पीड़ित परिवार की व्यथा सुनकर श्री जय भगवान गोयल ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि “यह अत्यंत हृदयविदारक घटना है। यदि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की गंभीर लापरवाही का मामला भी है। जब लोग मलबे में दबे जिंदगी और मौत से जूझ रहे हों, तब राहत कार्य में घंटों की देरी अत्यंत चिंताजनक है। इसकी निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच होना आवश्यक है।”

श्री गोयल ने कहा कि हादसे में दो सदस्यों को खोने के बाद परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार के सामने आजीविका एवं बच्चों के भविष्य का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। ऐसे में दिल्ली सरकार को मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए दोनों मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता एवं मुआवजा प्रदान करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि नगर निगम भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा बन चुका है बिना नगर निगम के अधिकारियों को रिश्वत दिए दिल्ली में कोई एक ईंट भी नहीं लगा सकता। नगर निगम अधिकारी खुलेआम पैसा लेकर अवैध निर्माण करवाते हैं जबकि ऐसा हादसा हो जाता है तो अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार एवं प्रशासन की जिम्मेदारी है। यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट एवं राष्ट्रवादी शिवसेना पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के लिए उनके साथ खड़े हैं।

Related Articles

Back to top button