फूडबैंकिंग को बढ़ावा देने की जरूरत: लिसा मून

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ग्लोबल फूडबैंकिंग नेटवर्क (जीएफएन) और थिंकथ्रू कंसल्टिंग टीटीसी) ने ने जी-20 के तत्वावधान में आयोजित वैश्विक खाद्य सुरक्षा शिखर सम्मेलन 2023 की मेजबानी के दौरान कहा कि फूडबैंकिंग को बढ़ावा देने के लिए जी-20 देशों का नेतृत्व करने का भारत के पास विशेष अवसर है।
दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में ग्लोबल फूडबैंकिंग नेटवर्क (जीएफएन) की अध्यक्ष और सीईओ लिसा मून ने खाद्य बैंकिंग के वित्तीय प्रभाव पर जोर देते हुए कहा कि खाद्य बैंकिंग वैश्विक खाद्य प्रणाली के भीतर दो बड़ी चुनौतियों का समाधान करती है। पहला भोजन की हानि और बर्बादी से संबंधित है, दुनिया भर में खाद्य उत्पादन का एक तिहाई हिस्सा कभी भी लोगों की मेज तक नहीं पहुंच पाता है। यह हानि पूरी आपूर्ति शृंखला में होती है, खेतों से लेकर उपभोक्ता स्तर तक, जिसके परिणामस्वरूप महत्वपूर्ण आर्थिक प्रभाव पड़ते हैं। जो सालाना 1,6 अरब डॉलर तक पहुंच जाता है। दूसरी चुनौती खाद्य सुरक्षा है, दुनिया भर में लगभग 2.3 बिलियन लोग वर्तमान में खाद्य कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, और लगभग 3 बिलियन लोग पौष्टिक आहार का खर्च उठाने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में जी-20 देशों से भोजन की हानि और भोजन की बर्बादी के गंभीर मुद्दों के समाधान के रूप में खाद्य बैंकों को अपनाने का आग्रह किया गया है।

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