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दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएफपीसीएल) समूह की कंपनी परफॉर्मेंस केमिसर्व लिमिटेड (पीसीएल) व पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड के बीच 5.5 साल का रीगैसिफिकेशन समझौता

परफॉर्मेंस केमिसर्व लिमिटेड (पीसीएल) व पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड (पीएलएल) ने 5.5 साल के लिए (मई – जुलाई 2026 के बीच से शुरू होकर 31 दिसंबर 2031 को समाप्त होगा) एलएनजी रीगैसिफिकेशन (पुन:गैसीकरण) हेतु समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत डीएफपीसीएल समूह द्वारा आयात की जाने वाली तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) का रीगैसिफिकेशन होगा।

पीसीएल दीपक माइनिंग सॉल्यूशंस लिमिटेड (डीएमएसएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और डीएमएसएल स्वयं दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएफपीसीएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है। इस समझौते के चलते पीएलएल को करीब 1,200 करोड़ के राजस्व का अनुमान है, जिसमें अनुबंध अवधि के दौरान 20 फीसदी तक अतिरिक्त राजस्व अर्जित करने की संभावना भी है।

वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान पीएलएल ने अपने दो टर्मिनलों के माध्यम से लगभग 18 एमएमटीपीए एलएनजी का संचालन किया, जिसमें दाहेज टर्मिनल न केवल प्रमुख केंद्र रहा बल्कि वैश्विक स्तर पर सबसे व्यस्त रीगैसिफिकेशन टर्मिनलों में से एक है। इससे पहले, डीएफपीसीएल ने नॉर्वे स्थित वैश्विक ऊर्जा कंपनी इक्विनोर के साथ एलएनजी बिक्री और खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। अब पीएलएल और डीएफपीसीएल समूह की कंपनी पीसीएल के बीच रीगैसिफिकेशन समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं। पीसीएल प्राकृतिक गैस के माध्यम से के उर्वरकों और औद्योगिक रसायनों के उत्पादन में अग्रणी भूमिका निभा रही है।

पीएलएल के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ श्री ए. के. सिंह ने कहा, “हम अपने मूल्यवान भागीदारों के बढ़ते पोर्टफोलियो में डीएफपीसीएल का स्वागत करते हैं। इस तरह के सहयोग से न केवल हमारी विस्तारित रीगैसिफिकेशन क्षमता का उपयोग बढ़ेगा, बल्कि राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक विकास में भी सार्थक योगदान होगा। यह समझौता पीएलएल की एक प्रमुख ऊर्जा एवं अवसंरचना प्रदाता की स्थिति को और सुदृढ़ करता है और भारत की ऊर्जा टोकरी में प्राकृतिक गैस की हिस्सेदारी बढ़ाने के भारत सरकार के दृष्टिकोण को समर्थन प्रदान करता है।”

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