30 अक्टूबर, देखिए एक ऐसा प्यार जिसने हर बंदिश को तोड़ने की हिम्मत की — ‘एक कोरी प्रेम कथा’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर सिर्फ़ अनमोल सिनेमा पर

यह फ़िल्म साहस, प्रेम और सम्मान की ऐसी दास्तान है, जो बताती है कि सच्चा प्यार सिर्फ़ दिलों को जोड़ता नहीं, बल्कि पुराने परंपराओं को बदलने की ताकत भी रखता है। ‘एक कोरी प्रेम कथा’ एक ऐसी कहानी है जो साहस, प्रेम और आत्मसम्मान का संगम है। यह फ़िल्म बताती है कि कुछ प्रेम कहानियाँ सिर्फ़ रीति-रिवाज़ों को नहीं, समाज की सोच को भी बदल देती हैं। इस अक्टूबर, देखिए वो कहानी जिसने समाज की दीवारों से टकराने का हौसला दिखाया – ‘एक कोरी प्रेम कथा’, जिसका प्रीमियर अनमोल सिनेमा पर इस गुरुवार, 30 अक्टूबर को दोपहर 1:30 बजे होगा। यह कहानी दृढ़ता, विश्वास और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की शक्ति का उत्सव है।
चिन्मय पुरोहित के निर्देशन में बनी इस फ़िल्म में हैं – आकर्षक अक्षय ओबेरॉय, दिग्गज राज बब्बर, सजीव पूनम ढिल्लों, और ऊर्जावान खनक बुद्धिराजा। भारत के दिल कहे जाने वाले इलाक़ों की पृष्ठभूमि पर आधारित यह फ़िल्म सामाजिक मुद्दों को संवेदनशीलता और गहराई से उजागर करती है। दमदार कथा और यादगार अभिनय के ज़रिए यह कहानी परंपरा और व्यक्तिगत पसंद के बीच के संघर्ष को बेहद प्रभावशाली ढंग से दिखाती है।
अक्षय ओबेरॉय कहते हैं, “एक कोरी प्रेम कथा सिर्फ़ एक प्रेम कहानी नहीं है – यह उन रिश्तों के बारे में है जहाँ प्यार का मतलब सिर्फ़ साथ होना नहीं, बल्कि एक-दूसरे की ताकत को समझना और उनके फैसलों का सम्मान करना भी है। लड्डू का किरदार निभाना – सीखने, सहारा देने और सभ्यता के साहस के साथ बढ़ने का सफ़र था। मुझे उम्मीद है कि दर्शक यह देख पाएँगे कि सच्चा प्यार समानता, सम्मान और समाज की परंपराओं को चुनौती देने के साहस रखता है।
खनक बुधिराजा कहती हैं, “सभ्यता एक ऐसी औरत है जो किसी ऐसी परंपरा से परिभाषित होने से इंकार करती है, जिस पर उसका विश्वास नहीं है। उसे निभाते हुए मैंने सीखा कि सच्ची हिम्मत वही है जो सिर्फ़ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए सही की आवाज़ उठाए।
राज बब्बर इस फ़िल्म का हिस्सा बनने पर कहते हैं, “ठाकुर रामदेव सिंह का किरदार निभाना एक चुनौती थी, क्योंकि वह परंपरा और सत्ता का प्रतिनिधित्व करता है। इस फ़िल्म में यह दिखाया गया है कि समाज में बदलाव कितना कठिन होता है और लोग उससे कैसे जूझते हैं। मुझे खुशी है कि मैं ऐसी कहानी का हिस्सा हूँ जो एक महत्वपूर्ण सामाजिक विषय को बेहद मानवीय रूप में पेश करती है।”
पूनम ढिल्लों कहती हैं, “मुझे एक कोरी प्रेम कथा की सबसे ख़ास बात यही लगी कि इसमें एक ऐसी स्त्री की कहानी दिखाई गई है जो समाज की उम्मीदों और बंधनों के आगे झुकती नहीं। इस फ़िल्म का हिस्सा बनना मेरे लिए गर्व की बात है क्योंकि यह हिम्मत, सम्मान और अपने फैसलों की ताकत का उत्सव मनाती है। फ़िल्म की कहानी सभ्यता के इर्द-गिर्द घूमती है – एक मज़बूत, आत्मनिर्भर और विचारशील युवती जो शादी के बाद एक गहरे पारंपरिक परिवार में आती है। वहाँ उसकी ज़िंदगी उस वक़्त बदल जाती है जब वह उस घर की पुरानी ‘कोरी प्रथा’ का विरोध करती है और बस ड्राइवर के रूप में काम करना जारी रखती है । यह संघर्ष उसे उसके ससुर ठाकुर रामदेव सिंह (राज बब्बर द्वारा निभाया गया किरदार) के आमने-सामने खड़ा कर देता है – जो गाँव के मुखिया हैं और पुरानी रीति-रिवाजों के कट्टर समर्थक हैं। इस टकराव के बीच उसका पति लड्डू (अक्षय ओबेरॉय) फँस जाता है – जो अपने परिवार की परंपरा और पत्नी के साहस के बीच उलझा है।



