साइबर जागरूकता दिवस: इस त्योहारी सीज़न में छोटे व्यापार कैसे रहें साइबर ठगी से सुरक्षित

त्योहारों का सीज़न छोटे व्यापारों के लिए जहाँ बिक्री का सुनहरा मौका लाता है, वहीं यह साइबर ठगों के लिए भी सक्रिय होने का समय होता है। इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) और डेटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (DSCI) के मुताबिक, पिछले साल 74% छोटे और मध्यम उद्यम (SMEs) को कम से कम एक साइबर हमले का सामना करना पड़ा। इस दौरान जब टीमें ऑर्डर और ग्राहकों के प्रबंधन में व्यस्त होती हैं, तो ठग फर्जी पेमेंट, फिशिंग लिंक और डिलीवरी के बहाने धोखाधड़ी जैसी तरकीबों से व्यापारियों को निशाना बनाते हैं।
त्योहारी सीज़न में ठग छोटे व्यापारों को कैसे बनाते हैं शिकार
ग्राहक बनकर नकली पेमेंट रसीद भेजते हैं ताकि बिना भुगतान के माल मंगवा सकें सप्लायर का नाम लेकर ईमेल भेजते हैं और बैंक खाता बदलवाने की कोशिश करते हैं
फर्जी डिलीवरी संदेश या कॉल करके सिस्टम एक्सेस पाने का प्रयास करते हैं त्योहारी शुभकामनाओं के बहाने QR कोड या OTP भेजते हैं, जिनमें वायरस या धोखाधड़ी होती है
बड़ी कंपनियों के नाम पर खुद को पेश कर तात्कालिक ऑर्डर के लिए दबाव बनाते
धोखाधड़ी से बचने के लिए अपनाएं ये आसान उपाय – रुको, सोचो, फिर एक्शन लो!
माल भेजने से पहले अपने खाते में UPI या बैंक ट्रांसफर की पुष्टि अवश्य करे बैंक डिटेल में किसी भी बदलाव की पुष्टि विश्वसनीय स्रोत से करें
कर्मचारियों को सिखाएं कि अनजान लिंक, QR कोड या ज़रूरत से ज़्यादा हड़बड़ी वाले मैसेज से सतर्क रहें मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाएं और महत्वपूर्ण सिस्टम तक सीमित पहुंच दें
एक सरल रिपोर्टिंग प्रक्रिया बनाएं, जिससे कर्मचारी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना दे सकें
आख़िरी बात
डिजिटल दौर में थोड़ी-सी लापरवाही — जैसे किसी फेक लिंक पर क्लिक करना या बिना जांचे पेमेंट करना — बड़ा नुकसान पहुँचा सकती है। ऐसे में छोटे व्यापारों को चाहिए कि वे रोज़मर्रा के कामकाज में थोड़ी साइबर सावधानी अपनाएं, ताकि ग्राहक, कारोबार और विश्वास—तीनों सुरक्षित रहें
अगर ठगी हो जाए, तो क्या करें?
अगर आपको साइबर ठगी का संदेह है या आप इसका शिकार हुए हैं, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।



