फिल्म देवरा एनटीआर का डबल रोल

मूवी रिव्यू : फिल्म देवरा
कलाकार जूनियर एनटीआर , सैफ अली खान , प्रकाश राज , रामेश्वरी , श्रुति मराठे , मुरली शर्मा , अभिमन्यु सिंह और जान्हवी कपूर
लेखक कोरटाला शिवा और हिंदी संवाद – कौसर मुनीर
निर्देशक कोरटाला शिवा
निर्माता सुधाकर मिक्कीलिलेनी , कोसाराजू हरिकृष्णा और नंदमूरि कल्याण राम
रेटिंग 3/5
देवरा की कहानी : फिल्म की कहानी की शुरुआत होती है 4 ऐसे गांव से से जो लाल समंदर के किनारे रहते हैं और अपना पेट पालने के लिए बड़े-बड़े शिप से लूटपाट करते हैं और इन सबका मुखिया है देवरा, जो कि बहुत दिलदार है और बहादुर भी। लेकिन एक दिन उसे पता चलता है कि वो और उसके साथी जिन चीजों को लूटकर बड़े आदमियों को दे रहे हैं, वो दरअसल असलहे हैं। जिनका इस्तेमाल मासूम लोगों को मारने और उनका धन लूटने के लिए किया जा रहा है। ये बात देवरा बर्दाश्त नहीं कर पाता, वो पूरे गांव को लूटपाट करने से मना कर देता है और सीधा रास्ता अपनाकर पेट पालने की हिदायत देता है। वहीं दूसरे गांव का मुखिया भैरा(सैफ अली खान) देवरा से खार खाए बैठा है क्योंकि उसे जल्दी और गैरकानूनी तरीके से पैसा कमाना है तो वो देवरा को मारने की प्लानिंग बनाता है। देवरा उस हमले के बाद वापस नहीं लौटता लेकिन वो पूरे गांववालों को चेतावनी देता है कि अगर किसी ने भी समंदर में लूटपाट करने की कोशिश की तो वो किसी को नहीं छोड़ेगा। देवरा के जाने के बाद गांव की कमान उसके डरपोक बेटे वरा को दे दी जाती है, जो पूरे गांव में सहमा-सहमा सा घूमता है। उसे देखकर किसी को नहीं लगता कि वो देवरा का ही बेटा है, जो इतना दिलेर था। तो आगे क्या होगा? क्या देवरा गांव लौटकर आएगा? क्या उसका बेटा अपने पिता की तरह बहादुर बन पाएगा? इसके लिए आपका मूवी देखना जरूरी है।
जूनियर एनटीआर के फैन्स इस फिल्म को जरूर पसंद करेंगे. एनटीआर डबल रोल में नजर आ रहे हैं और हर किरदार को पूरी शिद्दत से निभाया है. एक्शन में कमाल हैं और एक्टिंग में बेमिसाल हैं. उनको जोरदार टक्कर देने का काम सैफ अली खान ने किया है. भैरा बनके वो छा गए हैं|



