अजय देवगन स्टारर सिंघम अगेन मूवी लंबे वक्त बाद सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है।

मूवी रिव्यू: सिंघम अगेन
ऐक्टर:अजय देवगन,करीना कपूर खान,रणवीर सिंह,अक्षय कुमार,दीपिका पादुकोण,टाइगर श्रॉफ,अर्जुन कपूर,जैकी श्रॉफ,सलमान खान
डायरेक्टर :रोहित शेट्टी
श्रेणी:Hindi, Action, Thriller
अवधि:2 Hrs 24 Min
क्रिटिक रेटिंग : 3/5
एंटरटेनमेंट डेस्क, मुंबई। निर्देशक रोहित शेट्टी और अजय देवगन (Ajay Devgn) की जोड़ी फिल्म सिंघम अगेन के जरिए वापसी कर चुकी है। दीवाली के अवसर पर आज इस फिल्म को बड़े पर्दे पर रिलीज किया गया है। ऐसे में हम आपको सिंघम अगेन (Singham Again Review) का फुल मूवी रिव्यू बताने जा रहे हैं।
‘सिंघम अगेन’ की कहानी
फिल्म की कहानी का आधार महाकाव्य रामायण को बनाया गया है, जिसमें सिंघम (अजय देवगन) की पत्नी अवनि (करीना कपूर खान) को कहानी का रावण यानी जुबैर हफीज (अर्जुन कपूर) अगवा करके श्रीलंका ले जाता है। डेंजर लंका के नाम से मशहूर जुबैर आतंकवादी ओमार हफीज (जैकी श्रॉफ) का पोता है, जिसे बाजीराव सिंघम फिल्म की शुरुआत में ही अपनी गिरफ्त में ले लेता है। वह उसके बेटों को जन्नत नसीब करवा चुके हैं। ऐसे में, जुबैर का एक ही मकसद है, सिंघम से अपने खानदान का बदला।
सिंघम अगेन की शुरुआत इसी उमर को पकड़ने के साथ होती है। हालांकि इस बार सिंघम अगेन की कहानी रामलीला मंचन के समानांतर चलती है। सिंघम से जुड़े पात्रों को रामायण सरीखा बताया गया है। खैर गिरफ्त में आया उमर चेतावनी देता है कि वह अकेला नहीं है। कोई सिघम का कफन तैयार कर रहा है। फिर कहानी दो साल आगे बढ़ती है।
सिंघम की पत्नी अवनि (करीना कपूर) सांस्कृतिक विभाग में कार्यरत है। वह रामलीला के मंचन की जिम्मेदारी साथ रामायण से जुड़े तथ्यों के बारे में भी बता रही है। पुलिस उमर के नेटवर्क की खोज में होती है। उनकी धड़पकड़ को लेकर शिवा स्क्वाएड का गठन होता है जिसका मुखिया सिंघम होता है।
उमर के नेटवर्क से जुड़े लोगों के मदुरै में होने की जानकारी मिलती है। डीसीपी शक्ति शेट्टी (दीपिका पादुकोण) उन्हें गिरफ्तार कर लेती है। उसके बाद सामने आता है डेंजर लंका (अर्जुन कपूर) यानी रावण। वह नाटकीय घटनाक्रम में अवनि का अपहरण कर लेता है और उसे श्रीलंका ले जाता है। सिंघम अपनी पत्नी को उसके चंगुल के मुक्त कराने जाता है। इस मिशन में उसके साथ सिंबा और सूर्यवंशी आते हैं। उनके साथ सत्या (टाइगर श्राफ) और शक्ति भी जुड़ते हैं।
‘सिंघम अगेन’ मूवी रिव्यू
अजय देवगन जब भी पर्दे पर आते हैं, थप्पड़ पर थप्पड़ रसीद कर विलेन को सबक सिखाते हैं। इसमें मजा भी आता है, लेकिन ऐसे मौके फिल्म में कम हैं। अब सोचिए, अगर बाजीराव सिंघम फिल्म में एकाध बार ‘आता माझी सटकली’ ही ना बोले, तो क्या ही मजा होगा। पर्दे पर सुनिल रॉर्डिक्स के कोरियोग्राफ किए एक्शन सीक्वेंस आकर्षक दिखते हैं, लेकिन रोहित शेट्टी के गाड़ियां उड़ाने, चॉपर से कूदने वाले एक्शन और कलरफुल मेले या त्योहार के बीच गुंडे के पीछे स्लो मोशन में दौड़ने या जीप घुमाकर उतरने वाले वाले हीरो की एंट्री सीन दोहराव भरे हो चुके हैं। अब उनमें रोमांच या ताजगी महसूस नहीं होती। फिल्म की एक बड़ी कमजोरी कहानी के साथ-साथ रामलीला के ट्रैक को चलाना है, जिससे कहानी का फ्लो बार-बार टूटता है।



