अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन 2–4 सितम्बर को अक्रा, घाना में अफ्रीका क्षेत्र की सातवीं बैठक आयोजित करेगा

भारत: अफ्रीका अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) के मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका मकसद सौर ऊर्जा के जरिए विकास को आगे बढ़ाना और सभी तक ऊर्जा पहुँचाना है। अफ्रीका के पास दुनिया की सबसे बड़ी सौर क्षमता है और उसकी अर्थव्यवस्थाएँ तेज़ी से बढ़ रही हैं, जिससे ऊर्जा की ज़रूरत भी बढ़ रही है। ऐसे समय में बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा को अपनाना ही ऊर्जा की कमी को पूरा करने का सबसे सस्ता और स्वच्छ तरीका है। आगामी बैठक अक्रा (घाना) में आयोजित की जाएगी। यह बैठक निवेश लाने, स्थानीय संस्थाओं की क्षमता बढ़ाने और अफ्रीका की सौर योजनाओं को वैश्विक प्रयासों से जोड़ने का बड़ा अवसर होगी।
अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के महानिदेशक श्री आशीष खन्ना ने कहा: “अफ्रीका को अभी दुनिया के कुल स्वच्छ ऊर्जा निवेश का केवल 2% ही मिलता है, जबकि यहाँ 60 करोड़ से अधिक लोग बिजली से वंचित हैं। यह स्थिति बदलनी चाहिए। अक्रा की बैठक में हम मिशन 300 जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से सरकारों, निवेशकों, विशेषज्ञों और साझेदारों को जोड़कर निजी निवेश बढ़ाने, नीतियों को मज़बूत बनाने और स्थानीय स्तर पर कौशल विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाएँगे।” उन्होंने आगे कहा कि, “ISA की चार मुख्य योजनाएँ — वित्तीय सहयोग, कौशल और डिजिटल क्षमता, तकनीकी रोडमैप और नीतियाँ, तथा स्थानीय और क्षेत्रीय सहयोग — अफ्रीका सोलर फसिलिटी, कृषि में सौर समाधान और STAR सेंटर जैसी पहलों को आगे बढ़ाएँगी। यह बैठक साइड इवेंट्स, तकनीकी चर्चाओं और उच्च स्तरीय संवादों के माध्यम से व्यावहारिक और ठोस परिणाम देने पर केंद्रित रहेगी।



