फिल्म ‘गवर्नर

फिल्म ‘गवर्नर
कलाकार मनोज बाजपेयी , अदा शर्मा , मधु , नौशाद मोहम्मद कुंजू , परितोष संद और कृषा कुरुप
लेखक शुभेंदु भट्टाचार्य , सौरभ भरत , रवि असरानी और विपुल अमृतलाल शाह
निर्देशक चिन्मय डी. मांडलेकर
निर्माता विपुल अमृतलाल शाह, सनशाइन पिक्चर्स
रिलीज डेट 12 जून 2026
रेटिंग 3/5
फिल्म ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ एक ऐसे भारत की कहानी आपको दिखाती है, जिसकी तुलना आज के विकसित भारत से करने की कल्पना भी नहीं की जा सकती। फिल्म सिर्फ एक कहानी ही नहीं एक तरह से आपको भारत की तरक्की का रिपोर्ट कार्ड भी देती है। पढ़िए फिल्म ‘गवर्नर’ का रिव्यू।
फिल्म ‘गवर्नर: द साइलेंट सेवियर’ की कहानी 1990 के दौर की है। उस वक्त देश सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती का सामना कर रहा था। देश को तब किस तरह अर्थिक रणनीति के सहारे बचाया गया, यह फिल्म में दिखाया गया है। आईएएस अधिकारी ए. रामानन (मनोज बाजपेयी) को इस बुरे दौर में आरबीआई का गवर्नर नियुक्त कर दिया जाता है। यह किरदार भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 18वें गवर्नर एस.वेंकटरमणन से प्रेरित है। रामानन अपनी सूझ-बूझ से भारत को दिवालिया होने से बचा लेते हैं और इसमें साथ देती है उनके ऑफिस की टीम।
अभिनेता मनोज बाजपेयी इसमें लीड रोल में हैं, अभिनेत्री मधु शर्मा ने फिल्म में रामानन की पत्नी वंदिता का किरदार निभाया है। उन्हें पर्दे पर देखकर आपको खुशी मिलती है। वहीं अदा शर्मा ने पत्रकार अदिती वर्मा का रोल किया है, बाकी किरदार नौशाद मोहम्मद कुंजू , परितोष संद, कृषा कुरुप आदि ने भी अच्छा अभिनय किया है। निर्देशन चिन्मय डी. मांडलेकर के निर्देशन की खास बात यही है कि वह कुछ भी काल्पनिक नहीं बनाते। उनकी फिल्में हमेशा समाज का आईना होती हैं। इस बार भी फिल्म ‘गवर्नर’ में उन्होंने भारत के कठिन दौर की मुश्किलों को पर्दे पर उकेरा है। निर्देशन बेहतरीन है।
देखें या नहीं?
यह उस कैटेगरी के दर्शकों के लिए है जिन्हें इतिहास में झांकने में दिलचस्पी है। अभिनय के साथ कहानी भी दमदार है। एक बहुत ही अनछुए मुद्दे को यह आपके सामने खोल कर रखती है। भारत के विकास की आधारशिला को दर्शाती है। इसलिए फिल्म वन टाइम वॉच है।



