Entertainment

यामी गौतम की फिल्म ‘नई नवेली’

फिल्म: नई नवेली

कलाकार: यामी गौतम धर, आदिनाथ कोठारे, आदित्य कुलश्रेष्ठ, सुनीता राजवार, मीता वशिष्ठ

निर्देशक: बालाजी मोहन

निर्माता: कलर येलो प्रोडक्शंस, अमेजन एमजीएम स्टूडियोज इंडिया

रेटिंग: 2.5/5 स्टार

फिल्म की कहानी मेरठ में रहने वाले अवस्थी परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। इस परिवार में नई बहू मोहिनी (यामी गौतम) की एंट्री होती है और इसके बाद अजीबोगरीब घटनाएं शुरू हो जाती हैं। सबको लगता है कि मोहिनी डायन है, लेकिन तभी कहानी में ट्विस्ट आता है। हॉरर-कॉमेडी के नाम पर बनाई गई इस फिल्म में न डर लगता है और न ही कोई ऐसा सस्पेंस पैदा होता है, जो आपको आगे की कहानी जानने के लिए उत्सुक करे।

डायरेक्टर बालाजी मोहन की ‘नई नवेली’ एक फैमिली एंटरनेटर है। जबसे इस फिल्म का ऐलान हुआ था, तबसे सभी को उम्मीद दी थी कि फिल्म में कुछ तो खास होगा। ट्रेलर से भी पता चल रहा था कि इसकी कहानी लीक से हटकर है। फिल्म की कहानी मेरठ में रहने वाले अवस्थी परिवार के इर्द-गिर्द बुनी गई है, जिसमें बड़ी बहू बनकर आती हैं यामी गौतम यानी की मोहिनी। मोहिनी की शादी परिवार के बड़े बेटे राजा अवस्थी (आदिनाथ कोठारे) से होती है।

कहानी की शुरुआत में वह एकदम संस्कारी और सर्वगुण संपन्न बहू नजर आती हैं, लेकिन फिर उसके देवर और राजा के छोटे भाई बंटू अवस्थी को मोहिनी की कुछ हरकतों से शक होता है कि वह डायन हैं। डायन भाभी का पर्दाफाश करने के लिए बंटू हर मुमकिन कोशिश करता है, लेकिन हर बार फेल हो जाता है। आखिरकार जब मोहिनी की सच्चाई घरवालों के सामने आती है, तो कहानी में जबरदस्त ट्विस्ट आता है और कहानी सीधे रामायण काल में पहुंच जाती है। इसके बाद क्या होता है, क्या मोहिनी डायन है या कोई देवी, उसका रामायण काल से क्या संबंध है, यह सब जानने के लिए आपको थियेटर्स का रूख करना होगा।

नई नवेली में यामी गौतम और बाकी सभी सितारों की एक्टिंग जबरदस्त है। यामी गौतम ने खुद को इस किरदार को काफी अच्छे से ढाला है। फिल्म में यामी गौतम के देवर का किरदार निभाने वाले अनुराग ठाकुर यानी बंटू अवस्थी की एक्टिंग भी जबरदस्त है। इसके अलावा, पति के किरदार में आदिनाथ कोठारे और मां के किरदार में सुनीता राजवार ने भी बढ़िया काम किया है।

निर्देशक बालाजी मोहन की यह पहली हिंदी फिल्म है। उन्होंने कोशिश अच्छी की है, लेकिन तीर पूरी तरह निशाने पर नहीं लगा है। फिल्म में कई जगह कॉमेडी बिल्कुल बेतुकी लगती है। कभी रावण का आना, कभी यामी का लक्ष्मण और हनुमान से टकराना कहानी में फिट नहीं बैठता है।

 

 

Related Articles

Back to top button