फेमिना मिस इंडिया 2022 सेकेंड रनर अप शिनाता चौहान

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शिनाता के अनुसार हर लड़की को बड़ा सपना देखना चाहिए और मेहनत का कोई विकल्प नहीं है प्रियंका चोपड़ा और आलिया भट्ट उनकी आदर्श हैं, शिनाता बनना चाहती हैं एक एक्टर शिनाता ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और उनकी परवरिश को दिया

दिल्ली की रहने वाली फेमिना मिस इंडिया-2022 की सेकेंड रनर अप, 21-वर्षीय शिनाता चौहान ने बचपन से जो ख्वाब देखा था उसे उन्होंने लगभग पूरा किया। वो बचपन से ही श्योर थी कि उन्हें फेमिना मिस इंडिया में जाना है और इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। शिनाता बताती है कि वो आज जो कुछ भी हैं उसमें उनके परिवार का, मुख्य रूप से उनकी मां का पूरा सपोर्ट रहा है। है शिनाता के साथ खास बातचीत में शिनाता ने ढेर सारी बातें कि – शिनाता बताती हैं कि मिस इंडिया बहुत हॉलिस्टिक पर्सनैलिटी होती है लोग सोचते हैं हमें सिर्फ स्टेज पर वॉक करना है, लेकिन हमें अपने उपर एक साथ काम करना होता है, जैसे सबसे पहले मिस इंडिया के बाद अगर हमें इंटरव्यूव देना है तो अगर ज्ञान की कमी होगी तो हम क्या जवाब देगें। तो इसलिए आपको नॉलेज लेना बहुत ज़रूरी है इसलिए मैं अखबार पढ़ती थी, मैं इंटरव्यूज़ देखती थी, कैसे बोलते हैं, क्या बोलते हैं वो देखती थी और दुनिया में क्या चल रहा है इसकी जानकरी बहुत ही अच्छी होनी चाहिए है, उस पर काम करना बहुत ज़रूरी है। दूसरी चीज़ हम स्टेज पर चलते है वो एक वॉक एक हील पहनकर चलना हमारी ज़िदगी का हिस्सा हो जाता है जो कहने को तो छोटी सी बात है लेकिन बहुत मुश्किल होता है। तो वो एक छोटी सी प्रैक्टिस होती है लेकिन उसमें बहुत मेहनत लगती है लेकिन हर किसी को समझ नहीं आता है। इसके अलावा है आपका कॉन्फिडेन्स, आत्मविश्वास इस पर भी काम करना होता है। अगर आपका आत्मविश्वास कमज़ोर है आप किसी को भी फेस नहीं कर पाएंगे, आत्मविश्वास आपके चेहरे पर, आपकी आंखों में झलकता है, यदि आपको खुद पर विश्वास नहीं है तो सामने वाले को कैसे होगा इसलिए मैं कहूंगी कि किसी भी फील्ड के लिए आत्मविश्वास होना बहुत ही ज़रूरी है।

भगवान में बहुत विश्वास रखती हूं, जब मैं स्टेज पर थी तो उस वक्त मेरा आत्मविश्वास तो नहीं डगमगाया बस इतना था कि मुझे अपना बेस्ट देना है, और जो भी सवाल आएं उसका बस शांत मन से जवाब देना है, बाकि सब उपरवाले के हाथ में है। शिनाता बताती हैं कि आपको अपनी पर्सनैलिटी पर बहुत काम करना होता है, आपको अपनी डाइट का खास ध्यान रखना होता है क्योंकि आप जैसा भोजन खाते हैं वैसे आपके विचार भी होते हैं आपकी बॉडी भी वैसी होती है, एक्सरसाइज़ करना बहुत ज़रूरी होता है, पढ़ाई करना ज़रूरी होता है, आपको अपनी वॉक पर काम करना होता है, आपकी स्टाइलिंग पर काम करना होता है और साथ इंवेन्ट्स होते हैं, मीटिंग्स होती हैं तो कुल मिलाकर एक नेवर ऐडिंग प्रोसेस होता है जिस पर आपको काम करना पड़ता है। लोग सोचते हैं कि अच्छा दिखना बुहत आसान होता है, लेकिन आप अकेले कुछ नहीं कर सकते हैं आपको इसलिए एक टीम की ज़रूरत होती है।

उन्होंने आगे कहा कि वह समाज को वापस देना चाहती हैं। “सौंदर्य प्रतियोगिता ने मेरा दृष्टिकोण बदल दिया है। मैं युवा पीढ़ी के लिए काम करूंगी। हम एक विकासशील राष्ट्र हैं। मुझे शिक्षा से बहुत लगाव है। मैं शिक्षा के माध्यम से महिला सशक्तिकरण और बच्चों के उत्थान पर ध्यान केंद्रित करूंगी।”

शिनाता यही संदेश देती हैं कि जो लड़कियां मिस इंडिया बनने की चाह रखती हैं उनके लिए  सबसे पहले तो आप सोच लो और बाकि सब भूल जाओ अपना पूरा फोकस इसी पर रखो कि आपको मिस इंडिया में जाना है फिर आपको अपने स्किल्स पर काम करना बहुत ज़रूरी है, आपका ऑब्जर्वेशन बहुत मज़बूत होना चाहिए, स्कूल की पढ़ाई तो पढ़ाई जाती है लेकिन करियर की पढ़ाई कोई नहीं पढ़ाता, आपको देख-देख ही सीखना होता है, तभी सफलता आपको मिलती है इसलिए मैं कहती हूं कि ‘हर सौंदर्य प्रतियोगिता चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन इसमें उत्कृष्टता हासिल करना असंभव नहीं है। मैं इस बात को मानती हूं कि अगर आप किसी चीज़ को एक बार सोच लेते हो कि यही करना है तो आगे चान्स आपके पास अपने आप आते जाते हैं। शिनाता बताती हैं कि करियर को लेकर उनकी इंसपिरेशन, उनका आदर्श सिने जगत कि मशहूर अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा रही हैं

 

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