लोक सभा स्पीकर ओम बिरला करेंगे नेशनल यूथ पार्लियामेंट 2021-22 का उद्घाटन

0
120

नेशनल यूथ पार्लियामेंट 2021-22, लोक सभा स्पीकर ओम बिरला करेंगे उद्घाटन
नई दिल्ली: नेशनल यूथ पार्लियामेंट ऑर्गेनाइजेशन (एनवाईपीओ) ने टेक्नोलॉजी से लैस संसद के प्रदर्शन के लिए प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में आज यूथ ऑफ इंडिया द्वारा संचालित खास बजट चर्चा का आयोजन किया। इस युवा संसद में अपने राज्य की आवाज़ बनने के लिए हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों से 5-5 छात्रों का चयन किया गया है।

इस राष्ट्रीय युवा संसद 2021-22 का उद्घाटन लोक सभा स्पीकर, श्री ओम बिरला द्वारा किया जा सकता है। उद्घाटन ऑनलाइन संबोधन के साथ 7 और 8 जनवरी 2021 को किया जाएगा। चूंकि, देश का बजट युवा द्वारा पेश किया जाएगा इसलिए सभी मंत्रालय अलग-अलग लोगों को आवंटित किए गए हैं, जिसके लिए उन्होंने उचित रिसर्च किया है। बजट बनाने की प्रक्रिया में युवाओं की सोच शामिल करने के लिए इस बटज की एक कॉपी देश के वित्त मंत्री को भी प्रस्तुत की जाएगी।

इस अवसर पर इकॉनमी के विभिन्न सेक्टरों पर एक्सपर्ट्स द्वारा चर्चा की गई, जिसमें इकॉनमी सर्वे को भी रिलीज़ किया गया। मीटिंग के बाद शाम 4 बजे हलवा समारोह भी किया गया। रोहन महाजन, महासचिव, एनवाईपी ने इस सत्र के लिए भारत के सभी हिस्सों से प्रतिनिधियों का स्वागत कर उन्हें इसमें भाग लेने और बजट बनाने की प्रक्रिया में विभिन्न राज्यों, क्षेत्रों और समुदायों के दृष्टिकोण को दर्शाने का आग्रह किया।

राष्ट्रीय युवा संसद (एनवाईपी) के नाम के बैनर तले, यह एक छोटी पहल है जिसे बहुत ही नायाब तरीके से डिजिटल माध्यम के ज़रिए आयोजित किया जाएगा, जो वास्तविक पार्लियामेंट के प्रभावित संचालन के लिए कई रास्ते खोल सकता है। 2019 में कार्तिकेय गोयल द्वारा स्थापित, राष्ट्रीय युवा संसद इस देश के युवाओं के हित के मुद्दों पर एक सभ्य तरीके से बहस में भाग लेने के लिए अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी के साथ एक बड़ा आंदोलन बन रहा है।

राष्ट्रीय युवा संसद के संस्थापक, कार्तिकेय गोयल ने कहा कि, “एनवाईपी का उद्देश्य यह है कि सबकी आवाज़ महत्व रखती है और सभी को एक-दूसरे की बात सुननी चाहिए। 2021 का बजट बेहद खास है क्योंकि यह महामारी के दौरान प्रस्तुत किया जाएगा। इस साल के बजट में भारत की 130 करोड़ की आबादी की जरूरतों को दर्शाना आवश्यक है, विशेषकर जो लोग भूख और गरीबी के साथ स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना कर रहे हैं।”

मीटिंग में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक विभिन्न सेक्टरों पर स्पीच दी गई। श्री जयंत सिंह, आईआरटीएस और शिक्षक, लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन ने भारत की रक्षा चुनौती; प्रॉफेशर आमिर उल्लाह खान, एमसीआरएचआरडीआई ने विकास के लिए कृषि सुधार; श्री आर. के. मिश्रा, रिटायर्ड आईपीएस, डीजीपी, बीएसफ ने आंतरिक सुरक्षा चुनौती; श्री अमित कौशिक, एमडी, एसीईआर ने भारत के विकास के लिए नई शिक्षा पॉलिसी, श्री एके सचन, पूर्व एमडी, डीएफसीसीआईएल ने 21वीं सदी के लिए भारतीय रेलवे का विकास; श्रीमती स्मृति वर्मा, इकॉनमिस्ट, आईसीआरआईईआर ने भारत के लिए कृषि चुनौती; प्रॉफेशर अतुल कुमार, टीईआरआई ने पर्यावरणीय चुनौती; डॉक्टर रजनीकांत, आईसीएमआर ने भारत की स्वास्थ्य देखभाल चुनौती; श्री आशुतोष शर्मा, सचिव, डीएसटी ने भारत के लिए विज्ञान और तकनीक चुनौती; श्री रवि पोखरना, सीईओ, रामभाऊ मालगी प्रबोधिनी ने भारत को आत्म निर्भर बनाने; श्री मोहन कृष्णन, पूर्व निदेशक, आईएमआरबी ने मेक इन इंडिया और स्क्वाड्रन प्रेरणा चतुर्वेदी, सीईओ, रिसला इलेक्ट्रिक मोटर्स ने स्टार्टअप इंडिया पर भाषण दिया।

हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र सिंह मोदी के योगदान के लिए समाज में नई प्रथाओं को स्थापित करने और भारतीय युवाओं के बीच संविधान को लोकप्रिय बनाने की दृष्टि से राष्ट्रीय युवा संसद इस दिशा में एक बड़ा कदम है।

एनवाईपी का मुख्य उद्देश्य राजनीति की प्रकृति के बारे में बेहतर समझ के लिए युवाओं को इसमें शामिल करना है। इस प्रकार के सत्र बेहतर भारत की दिशा में युवा आबादी के राजनीतिक दृष्टिकोण और सुझावों का निर्माण करने और उन्हें सही आकार देने में मदद करता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here