यशोदा मेडिसिटी ने शुरू की ‘जिम ट्रेनर कार्डियक रिस्पॉन्स’ पहल, कार्डियक इमरजेंसी में त्वरित मदद पर जोर

गाज़ियाबाद के यशोदा मेडिसिटी ने विश्व हृदय दिवस के अवसर पर ‘Rep se Rescue tak, ट्रेन हार्ड. रिस्पॉन्ड फ़ास्टर’.नाम से एक विशेष कैंपेन शुरू किया है। इसका उद्देश्य दिल्ली NCR के फिटनेस क्षेत्र को इस तरह तैयार करना है कि लोग हार्ट से जुड़ी इमरजेंसी स्थिति में तुरंत और सही तरीके से प्रभावित व्यक्ति की मदद कर सकें। इस पहल में जिम, फिटनेस प्रोफेशनल्स, कार्डियोलॉजिस्ट, इमरजेंसी मेडिसिन विशेषज्ञ, पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट और फिटनेस इन्फ्लुएंसर एक साथ आए हैं। अभियान का फोकस फिटनेस के उस पहलू पर है, जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता। यह पहल ट्रेनिंग के दौरान मेडिकल इमरजेंसी होने पर तुरंत मदद के लिए तैयार रहने पर जोर देती है।
यह पहल भारत के कुछ हिस्सों में वर्कआउट के दौरान या उसके तुरंत बाद अचानक गिरने और कार्डियक से जुड़ी इमरजेंसी स्थिति की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए शुरू की गई है। पिछले कुछ महीनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें लोगों को एक्सरसाइज़ करते समय हार्ट अटैक, कार्डियक अरेस्ट या सीने में बेचैनी का सामना करना पड़ा है। इससे फिटनेस सेंटर्स की तैयारी को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं कि क्या वे चेतावनी के संकेतों को पहचान सकते हैं और मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में सही कदम उठा सकते हैं। यह चिंता अब पॉलिसी से जुड़ी चर्चाओं का भी हिस्सा बन गई है। पंजाब ने 2025 में जिम जाने वालों और खिलाड़ियों में अचानक कार्डियक अरेस्ट को रोकने के लिए एक खास एडवाइज़री जारी की है। इस एडवाइजरी में मेडिकल स्क्रीनिंग, सुरक्षित ट्रेनिंग के तरीकों और इमरजेंसी रिस्पॉन्स से जुड़ी सिफारिशें शामिल हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए यशोदा मेडिसिटी ने ‘rep se rescue tak’ पहल को तीन आपस में जुड़े हुए आधारों पर तैयार किया है। पहली एक्सपर्ट की देखरेख में ह्रदय की सेहत और फिटनेस के बारे में जागरूकता, दूसरी व्यवस्थित ट्रेनर सर्टिफिकेशन और तीसरी इमरजेंसी में तुरंत मदद करने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग है।
यशोदा ग्रुप ऑफ़ हॉस्पिटल्स के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने कहा, “भारत में फ़िटनेस कल्चर तेज़ी से बदल रहा है। इसलिए फ़िटनेस में ऐसी स्थितियों के लिए तैयारी भी शामिल होनी चाहिए जिनमें तुरंत इलाज की ज़रूरत होती है। जब ह्रदय से जुड़ी कोई इमरजेंसी होती है, तो उस व्यक्ति के सबसे करीब मौजूद लोग ही अक्सर मदद की प्रक्रिया में सबसे पहले शामिल होते हैं। ‘rep se rescue tak’ पहल के माध्यम से हम जिम, ट्रेनर और फ़िटनेस प्रोफ़ेशनल्स को उन अहम शुरुआती मिनटों में कार्रवाई करने के लिए ज़रूरी जानकारी और आत्मविश्वास देना चाहते हैं। ‘यशोदा सर्टिफ़ाइड जिम एंड ट्रेनर इनिशिएटिव’ हमारा एक छोटा सा प्रयास जिसके ज़रिए हम ह्रदय से जुड़ी इमरजेंसी की तैयारी को हॉस्पिटल से निकालकर आम लोगों तक पहुँचाना चाहते हैं और इसे फ़िटनेस इकोसिस्टम का एक व्यावहारिक हिस्सा बनाना चाहते हैं।”
यशोदा मेडिसिटी के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. असित खन्ना ने कहा, “ह्रदय से जुड़ी इमरजेंसी बिना किसी खास चेतावनी के आ सकती है, और शुरुआती कुछ मिनटों में देखभाल से मरीज की सेहत में बहुत फर्क पड़ सकता है। इमरजेंसी के समय फिटनेस प्रोफेशनल अक्सर उस व्यक्ति के सबसे करीब होते हैं, इसलिए उनकी तैयारी जिम की सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है। संदिग्ध कार्डियक अरेस्ट को पहचानना, मेडिकल मदद बुलाना और सही देखभाल गोल्डन ऑवर में शुरू करना जानने से प्रोफेशनल मेडिकल मदद आने तक के महत्वपूर्ण समय को संभाला जा सकता है। फिटनेस के माहौल में यह तैयारी करना, एक्सरसाइज की जगहों को सुरक्षित बनाने और दिल से जुड़ी इमरजेंसी के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने की दिशा में एक जरूरी और महत्वपूर्ण कदम है।”
‘Rep se Rescue tak, ट्रेन हार्ड. रिस्पॉन्ड फ़ास्टर’.के माध्यम से यशोदा मेडिसिटी हॉस्पिटल के दायरे से बाहर भी कार्डियक केयर के लिए अपने प्रयासों को मज़बूत कर रहा है। यह पहल प्रिवेंटिव हेल्थ, शुरुआती रिस्पॉन्स और कम्युनिटी की तैयारी के प्रति हॉस्पिटल की लंबे समय की प्रतिबद्धता को दिखाती है। इसका उद्देश्य रोज़मर्रा की कम्युनिटी जगहों पर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और रिस्पॉन्स की क्षमता को बढ़ाना है, साथ ही कार्डियक सुरक्षा को फिटनेस इकोसिस्टम का एक अहम हिस्सा बनाना है।



