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एनडीएमसी के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष ने नेहरू पार्क में “सृजन” – एक ओपन-एयर आर्ट गैलरी और रचनात्मक मंच का उद्घाटन किया

नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) के अध्यक्ष – श्री केशव चंद्रा और  उपाध्यक्ष – श्री कुलजीत सिंह चहल ने आज नेहरू पार्क, चाणक्यपुरी, नई दिल्ली में “सृजन” – एक ओपन-एयर आर्ट गैलरी का उद्घाटन किया।

श्री रामेश्वर ब्रूटा, प्रख्यात कलाकार, पद्म श्री बिमान बिहारी दास (मूर्तिकार), पद्मश्री, जय प्रकाश लखीवाल (कलाकार) और एनडीएमसी के सलाहकार (कला एवं संस्कृति) श्री हर्षवर्धन शर्मा इस अवसर पर उपस्थित थे। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण पद्म पुरस्कार विजेताओं और प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा लाइव पेंटिंग सत्र थे, जिसने जनता को कलात्मक प्रक्रिया को वास्तविक समय में देखने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान किया। लाइव गैलरी में श्री प्रवीण उपाध्याय, श्री कालीचरण गुप्ता, श्री संजय भट्टाचार्य, श्री जय झरोटिया, श्री संजय अष्टपुरे, श्री अनिल गायकवाड़, श्रीकांत कदम, श्री सबाई खान, सुश्री अनु नाइक, श्री एम.डी. सोलेमन, श्री राजेश चंद, श्री संजीब गोगई, श्री रवींद्र साल्वे, श्री मनीष पुष्कले, श्री रोहित शर्मा,श्री  किशोर रॉय और अन्य जैसे प्रशंसित कलाकारों द्वारा जनता के देखने और सीधे खरीदने के लिए उपलब्ध कलाकृतियों का एक प्रभावशाली संग्रह भी है।

“सृजन” – एक ओपन-एयर आर्ट गैलरी और रचनात्मक मंच नेहरू पार्क की हरी-भरी हरियाली के बीच स्थित है, “सृजन” न केवल एक ओपन-एयर आर्ट गैलरी है, बल्कि यह एक रचनात्मक आश्रय भी है, जिसकी परिकल्पना और संयोजन कला और कलाकारों के लिए नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) द्वारा की गई है। इस पर सम्बोधित करते हुए श्री केशव चंद्रा ने बताया कि यह पुनर्जीवित सांस्कृतिक स्थल, विकसित भारत @ 2047 की भावना को दर्शाता है – एक प्रगतिशील, समावेशी और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध भविष्य की दिशा में भारत का आकांक्षात्मक रोडमैप है ।

पालिका अध्यक्ष ने कहा कि पुनर्निर्मित गैलरी में अब एक समर्पित प्रवेश द्वार, क्यूरेटेड आर्ट डिस्प्ले कॉर्नर, लैंडस्केप गज़ेबो, बेहतर सार्वजनिक बैठने की व्यवस्था और लगभग 15,225 वर्ग मीटर का एक विस्तारित खुला क्षेत्र शामिल है, जो इसे कलाकारों के लिए एक विशाल और आकर्षक स्थल बनाता है। और आगंतुकों दोनों के लिए भी एक मनोरम स्थल है।

श्री चहल ने कहा कि इन सांस्कृतिक प्रयासों को संस्थागत समर्थन प्रदान करने के लिए, एनडीएमसी ने एक औपचारिक परिषद प्रस्ताव के माध्यम से एक शहरी कला और संस्कृति मंच का गठन किया है। उन्होंने कहा कि मंच को रणनीतिक आउटरीच, क्यूरेटेड कार्यक्रमों और नीति कार्यान्वयन के माध्यम से एनडीएमसी के कलात्मक और सांस्कृतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का काम सौंपा गया है।

एनडीएमसी मानती है कि कला और संस्कृति शहरी जीवन को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, खासकर महानगरों के तेज-भागमभाग वातावरण में, जहाँ दैनिक तनाव और व्यस्त दिनचर्या अक्सर लोगों को रचनात्मक अभिव्यक्ति से दूर कर देती है। एनडीएमसी अधिनियम, 1994 की धारा 12 के तहत अपने वैधानिक प्रावधान के अनुरूप, परिषद कला और संस्कृति को बढ़ावा देने और संरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है ।

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