दुनिया की पहली भारत-वियतनाम सांस्कृतिक धरोहर फिल्म की घोषणा

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की प्रबंध संपादक श्रीमती नीरजा रॉय चौधरी ने फिल्म निर्माण की घोषणा की। इस दौरान दोनों देशों के विशिष्ट अतिथि मौजूद थे। उपस्थित लोगों में प्रोफेसर चू बाओ क्वे, वियतनाम यूनेस्को संघों के नीति और विकास परामर्श परिषद के अध्यक्ष; श्री त्रुआंग क्वांग हय, वियतनाम के बक निन्ह प्रांत के संस्कृति, खेल व पर्यटन विभाग के निदेशक; डॉ. गुयेन होआंग आन्ह (जूलिया गुयेन), वियतनाम रिकॉर्ड्स संगठन की उपाध्यक्ष और वर्ल्ड रिकॉर्ड्स यूनियन (वर्ल्डकिंग्स) की महासचिव; प्रसिद्ध फिल्म कलाकार संचिता कुलकर्णी, किशोरी शहाणे, विमल मिश्रा, बिस्वदीप रॉय चौधरी और सितारे ज़मीन पर प्रसिद्धि वाले कलाकार – गोपी कृष्णन वर्मा उल्लेखनीय थे।
द गार्जियन ऑफ हेरिटेज नामक पुस्तक से प्रेरित होकर यह फिल्म सातवीं सदी की चाम सभ्यता से जुड़े सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित है, जो भारत और वियतनाम की कला, संगीत और धरोहर के समृद्ध मिश्रण के माध्यम से साझा मूल्यों को पेश करेगी। फिल्म को दोनों देशों में सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थानों पर फिल्माया जाएगा। इसका प्री-प्रोडक्शन 19 जून 2025 को हनोई में शुरू हुआ।
यह फिल्म 14 फरवरी 2026 को हिंदी और वियतनामी भाषा में रिलीज़ होगी। इसके बाद इसे दुनिया भर में ओटीटी प्लेटफार्मों पर रिलीज़ किया जाएगा। इसमें इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा सांस्कृतिक संरक्षण और संगीत में उत्कृष्टता के लिए मान्यता प्राप्त रिकॉर्ड होल्डर्स का भी योगदान रहेगा।



