फोर्टिस शालीमार बाग और फोर्टिस वसंत कुंज ने सांस के गंभीर रोगों एवं प्रत्यारोपण देखभाल के लिए लंग फेलियर क्लीनिक लॉन्च किए

फोर्टिस हॉस्पीटल शालीमार बाग और फोर्टिस हॉस्पीटल वसंत कुंज ने आज लंग फेलियर क्लीनिकों का उद्घाटन किया जहां एडवांस और एंड-स्टेज लंग डिज़ीज़ (फेफड़ों के गंभीर एवं अंतिम चरण के रोगों) से पीड़ित मरीजों के लिए व्यापक देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। इन क्लीनिकों में लंग ट्रांसप्लांटेशन सेवाओं समेत एडवांस लंग फेलियर के प्रबंधन हेतु व्यापक सेवाएं उपलब्ध करायी गई हैं, तथा यहां मल्टीडिसीप्लीनरी एवं एंड-टू-एंड रेस्पिरेटरी केयर तक मरीजों की पहुंच होगी। फोर्टिस हॉस्पीटल शालीमार बाग में लंग फेलियर क्लीनिक हर मंगलवार और शुक्रवार को दोपहर 12.00 बजे से अपराह्न 2.00 बजे तक खुला रहेगा, जबकि फोर्टिस हॉस्पीटल वसंत कुंज स्थित क्लीनिक के कामकाज संबंधी कार्यक्रम की घोषणा जल्द की जाएगी।
इन दोनों क्लीनिकों का संचालन डॉ गोविनी बालासुब्रमणि, डायरेक्टर – लंग ट्रांसप्लांट एंड एडवांस लंग फेलियर, ग्लेनईगल्स हॉस्पीटल, चेन्नई (फोर्टिस नेटवर्क के अंतर्गत कार्यरत अस्पताल), डॉ विकास मौर्या, सीनियर डायरेक्टर एचं एचओडी, रेस्पीरेटरी मेडिसिन एंड रेस्पीरेटरी क्रिटिकल केयर, फोर्टिस हॉस्पीटल शालीमार बाग, तथा डॉ प्रशांत सक्सेना, प्रिंसीपल डायरेक्टर एवं हेड, पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन, फोर्टिस हॉस्पीटल वसंत कुंज संभालेंगे। इस क्लीनिक में पल्मोनोलॉजिस्ट, ट्रांसप्लांट स्पेश्यलिस्ट, रीहेबिलिटेशन एक्सपर्ट और अन्य संबंधित हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की मदद से क्लीनिकल परिणामों में सुधार, जीवन गुणवत्ता में बेहतरी और एडवांस रेस्पीरेटरी रोगों से ग्रस्त मरीजों के लिए निरंतर देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी। इस क्लीनिक में एडवांस लंग फेलियर से जूझ रहे मरीजों को उनके रोग के विस्तृत मूल्यांकन, मेडिकल थेरेपी ऑप्टीमाइज़ेशन, तथा लंग ट्रांसप्लांटेशन के लिए उपयुक्तता संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा। उपयुक्त पाए जाने वाले मरीजों के लिए प्री-ट्रांसप्लांट काउंसलिंग, विस्तृत क्लीनिकल जांच और पोस्ट-ट्रांसप्लांट फौलो-अप की सेवाएं ट्रांसप्लांट विशेषज्ञों के सहयोग से सुनिश्चित की जाएंगी। इसके अलावा, मरीजों के लिए एडवांस पल्मोनोरी फंक्शन टेस्टिंग, ब्रॉन्कोस्कोपी तथा इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी प्रक्रियाओं, पल्मोनेरी रीहेबिलिटेशन प्रोग्रामों, पोषण संबंधी परामर्श, नींद के मूल्यांकन, नॉन-इन्वेसिव वेंटिलेशन सपोर्ट और मरीजों एवं केयरगिवर्स के लिए व्यक्तिगत शिक्षा भी उपलब्ध करायी जाएगी।
डबल लंग ट्रांसप्लांट से 29-वर्षीय फिजियोथेरेपिस्ट को मिला नए जीवन का उपहार हाल में, 29-वर्षीय फिजियोथेरेपिस्ट का फोर्टिस हॉस्पीटल शालीमार बाग में डबल-लंग ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया। 2021 में उन्हें इंटेस्टाइनल लंग डिज़ीज़ (आईएलडी), जो कि गंभीर कंडीशन है और धीरे-धीरे फेफड़ों को नुकसान पहुंचाती है, से ग्रस्त पाया गया। लगातार उपचार लेने के बावजूद उनकी सांसों की तकलीफ बढ़ती रही, और 2023 में उन्हें फेफड़ों के गंभीर संक्रमणों तथा सेप्सिस के साथ अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
2025 के अंत तक आते-आते, उनका लंग फंक्शन काफी बिगड़ चुका था, जिसकी वजह से उन्हें लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ा था। उनकी बिगड़ती हालत को देखते हुए, जो कि जीवनघाती भी हो सकती थी, मल्टीडिसीप्लीनरी टीम ने ट्रांसप्लांटेशन के लिए उनका मूल्यांकन किया। मई 2026 में फोर्टिस हॉस्पीटल शालीमार बाग में उनका डबल-लंग ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक किया गया।
इस मामले ने लंग फेलियर से जूझ रहे मरीजों का स्पेश्यलाइज़्ड मेडिकल टीमों द्वारा समय पर मूल्यांकन और उपचार करने के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है।
डॉ गोविनी बालासुब्रमणि, डायरेक्टर – लंग ट्रांसप्लांट एंड एडवांस लंग फेलियर, ग्लेनईगल्स हॉस्पीटल, चेन्नई (फोर्टिस नेटवर्क के अंतर्गत कार्यरत अस्पताल) ने कहा, “हाल के समय में हम गंभीर किस्म के फेफड़े के रोगों से ग्रस्त मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देख रहे हैं, जिनका कारण वायु प्रदूषण, तंबाकू सेवन/संपर्क, पेशे से जुड़े जोखिम, संक्रमण और उम्रदराज हो रही आबादी समेत अन्य कई कारक भी हैं
डॉ विकास मौर्या, सीनियर डायरेक्टर एचं एचओडी, रेस्पीरेटरी मेडिसिन एंड रेस्पीरेटरी क्रिटिकल केयर, फोर्टिस हॉस्पीटल शालीमार बाग ने कहा, “एडवांस लंग रोग किसी भी मरीज की सांस लेने की क्षमता को धीरे-धीरे सीमित करता जाता है जिसकी वजह से वे उपचार के बावजूद अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियों को करने में असमर्थ महसूस करने लगते हैं। समर्पित लंग फेलियर क्लीनक ऐसे में काफी मददगार साबित होते हैं जहां रोग के हर चरण पर अनुभवी और विशेषज्ञ स्पेश्यलिस्ट होते हैं, जो मरीजों के लिए विस्तृत मल्टीडिसीप्लीनरी और समन्वित देखभाल तथा लंग ट्रांसप्लांटेशन समेत एडवांस उपचारों के लिए समय पर मूल्यांकन एवं इलाजों के विकल्पों को मुहैया करवाते हैं।”
डॉ प्रशांत सक्सेना, प्रिंसीपल डायरेक्टर एवं हेड, पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर एंड स्लीप मेडिसिन, फोर्टिस हॉस्पीटल वसंत कुंज ने कहा, “एडवांस रेस्पीरेटरी रोगों का प्रबंधन केवल व्यक्तिगत लक्षणों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। पल्मोनोलॉजी, क्रिटिकल केयर, रीहेबिलिटेशन, न्यूट्रिशन, और ट्रांसप्लांटेशन में विशेषज्ञता के चलते हम प्रत्येक मरीज की क्लीनिकल जरूरतों और लंबे समय के लिए उनके जीवन की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर देखभाल संबंधी तैयारी कर पाते हैं।”
डॉ ऋतु गर्ग, चीफ ग्रोथ एंड इनोवेशन ऑफिसर, फोर्टिस हेल्थकेयर ने कहा, “फोर्टिस लंग फेलियर क्लीनिक का लॉन्च ऐसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस तैयार करने की हमारी प्रतिबद्धता दर्शाता है जहां अत्याधुनिक विज्ञान, मल्टीडिसीप्लीनरी विशेषज्ञताओं तथा जटिल कंडीशंस से जूझ रहे मरीजों के लिए दयाभाव के साथ देखभाल को उपलब्ध कराया जाता है। इस एकीकृत प्रोग्राम के जरिए, हम फेफड़ों के गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों को उम्मीद की किरण दिखाने की स्थिति में हैं। हमारे लिए सम्मान का विषय है कि देश के दिग्गज हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट सर्जन्स में से एक डॉ गोविनी बालसुब्रमणि, जिन्होंने भारत के लंग ट्रांसप्लांट प्रोग्राम को स्थापित करने में अहम् भूमिका निभायी है, हमारी इस पहल का
नेतृत्व कर रहे हैं। अब तक 350 से अधिक हार्ट एवं लंग ट्रांसप्लांट करने का अनुभव रखने वाले डॉ गोविनी ने 17 से 74 वर्ष की उम्र के कई मरीजों का सफल उपचार किया है और देश में उनकी लिविंग-डोनर लंग ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में अग्रणी विशेषज्ञ के तौर पर उन्हें महारथ हासिल है। डॉ गोविनी सरीखे अनुभवी और विशेषज्ञ पेशेवर की सेवाओं की बदौलत, एडवांस लंग रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए वर्ल्ड-क्लास केयर प्रदान करने की फोर्टिस की प्रतिबद्धता को और मजबूती मिली है।”



