रामलीला के 55वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। रामलीला का भव्य मंचन आगामी 11 अक्टूबर से तिकोना पार्क, कश्मीरी गेट में किया जाएगा।

राजधानी दिल्ली की ऐतिहासिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री नवयुवक रामलीला कमेटी कश्मीरी गेट (पंजीकृत) इस वर्ष अपनी रामलीला के 55वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है। रामलीला का भव्य मंचन आगामी 11 अक्टूबर से तिकोना पार्क, कश्मीरी गेट में किया जाएगा। रामलीला के आयोजन को लेकर कमेटी की ओर से तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और मंच, सुरक्षा, व्यवस्था तथा दर्शकों की सुविधाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
रामलीला की तैयारियों और आयोजन से संबंधित जानकारी देते हुए श्री नवयुवक रामलीला कमेटी कश्मीरी गेट (पंजीकृत) के महासचिव, पूर्व मेयर एवं जत्थेदार सरदार अवतार सिंह ने बताया कि कश्मीरी गेट की रामलीला अपनी पारंपरिक पहचान और मर्यादित स्वरूप के लिए जानी जाती है। उन्होंने कहा कि यहां रामलीला को केवल मनोरंजन के रूप में नहीं बल्कि धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़कर प्रस्तुत करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि इस रामलीला की खास बात यह भी है कि यहाँ सभी कलाकार और आयोजन से जुड़े पदाधिकारी लीला के पुरे दिनों में साध्विक भोजन करते हैं और साध्विक तरिके से जमीन पर ही सोते हैं। उन्होंने आगे कहा यहां दर्शक अपने बच्चों और परिवार के साथ विशेष रूप से सिर्फ रामलीला देखने और प्रभु श्रीराम की लीलाओं का दर्शन करने आते हैं। आयोजन स्थल पर अनावश्यक झूलों अथवा खान-पान के स्टॉलों की भीड़ नहीं होने के कारण दर्शक पूरे मनोयोग और भाव के साथ रामलीला का आनंद ले पाते हैं। इससे बच्चों और युवा पीढ़ी को भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और मर्यादा से परिचित कराने का अवसर भी मिलता है। सरदार अवतार सिंह ने रामलीला के 55 वर्ष के सफर को याद करते हुए कहा कि इसकी शुरुआत वर्ष 1972 में मात्र 95 रुपये से हुई थी। सीमित संसाधनों के बावजूद संस्थापक एवं कार्यकर्ताओं ने प्रभु श्रीराम में आस्था रखते हुए रामलीला की परंपरा को आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि इस लंबी यात्रा में कमेटी ने कई उतार-चढ़ाव देखे आर्थिक एवं व्यवस्थागत चुनौतियां भी सामने आईं लेकिन रामलीला के आयोजन को बंद करने का हौसला कभी कमजोर नहीं हुआ। उन्होंने भावुक होकर कहा कि प्रभु श्रीराम की कृपा और श्रद्धालुओं के सहयोग से यह धार्मिक यात्रा आज 55वें वर्ष तक पहुंची है। उनके अनुसार आने वाली पीढ़ियों तक रामलीला की इस परंपरा को पहुंचाना कमेटी की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
श्री नवयुवक रामलीला कमेटी कश्मीरी गेट (पंजीकृत) की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समाज सेवी श्रीमती मोहनजीत कौर ने कहा कि कश्मीरी गेट की रामलीला केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं है बल्कि बड़ी संख्या में विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग भी अपने बच्चों के साथ श्रद्धा और उत्साह के साथ रामलीला देखने पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने वाला मंच भी है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बताया कि रामलीला स्थल के विभिन्न हिस्सों में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कमेटी के सुरक्षा वॉलंटियर, दिल्ली पुलिस के जवान तथा निजी सुरक्षा गार्ड भी तैनात रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि सुरक्षा की समुचित व्यवस्था और प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से इस वर्ष भी रामलीला का आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न होगा।
रामलीला कमेटी के मुख्य सलाहकार अमिताभ ने तिकोना पार्क के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस मैदान में रामलीला का मंचन किया जाता है, वह केवल धार्मिक आयोजन के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि उसका अपना ऐतिहासिक महत्व भी है। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी भी इस स्थान पर आए थे और यहां तीन दिनों तक ठहरे थे। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक स्थान पर रामलीला का मंचन करना कमेटी के लिए गौरव की बात है। धार्मिक परंपरा और इतिहास से जुड़े इस स्थान पर प्रत्येक वर्ष रामलीला का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता है। श्री नवयुवक रामलीला कमेटी कश्मीरी गेट (पंजीकृत) के समस्त पदाधिकारियों के अनुसार 55 वर्षों से लगातार चली आ रही यह रामलीला केवल मंचन नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकता की विरासत है। कमेटी का प्रयास है कि आधुनिक समय में भी रामलीला के मूल स्वरूप और धार्मिक भाव को बनाए रखते हुए बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति से जोड़ा जाए। प्रेस वार्ता में कमेटी के चेयरमैन नरेंद्र मदान, अध्यक्ष राजकुमार जैन, जनसंपर्क अधिकारी अरुण भटनागर, संयुक्त सचिव राजीव गोयल, प्रेसिडेंट राकेश ठाकुर, चीफ ऑब्जर्वर एवं प्रमोटर सौरव गौरव, एडवरटाइजमेंट एवं प्रेस रिलेशन प्रफुल्ल मिश्रा, वाइस प्रेसिडेंट देवेंद्र यादव, व्यवस्था प्रमुख जस्सी** सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। श्री नवयुवक रामलीला कमेटी कश्मीरी गेट (पंजीकृत) ने श्रद्धालुओं और दिल्लीवासियों से अपील की कि वे अपने परिवार एवं बच्चों के साथ पहुंचकर 11 अक्टूबर से तिकोना पार्क, कश्मीरी गेट में आयोजित होने वाली 55वें वर्ष की रामलीला का दर्शन करें और भगवान श्रीराम के आदर्शों से प्रेरणा लें।



