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डॉटर्स डे पर ‘सुन्नखी पंजाबन’ ने मनाया बेटियों की प्रतिभा और पंजाबी विरासत का उत्सव

पंजाबी संस्कृति, मातृभाषा और विरासत को समर्पित सुन्नखी पंजाबन प्रतियोगिता-8 – Powered by रोज़ा हर्बल केयर का ग्रैंड फिनाले गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स, पीतमपुरा, दिल्ली में 27 सितंबर 2026 को भव्य रूप से आयोजित किया गया। डॉटर्स डे के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में पंजाबी बेटियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक पहचान का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।

आठ वर्षों से बेटियों को अपनी प्रतिभा और पहचान प्रदर्शित करने का मंच दे रहा ‘सुन्नखी पंजाबन’ इस वर्ष भी संस्कृति और आधुनिक प्रतिभा के खूबसूरत संगम के रूप में सामने आया। फाइनल में प्रतिभागियों ने पंजाबी लोकगीत, भांगड़ा, नाटक, कॉमेडी और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही उन्होंने पैंतीस अक्षरी लिखकर पंजाबी भाषा के प्रति अपनी समझ और संस्कृति से जुड़े सवालों के जवाब देकर अपने ज्ञान का परिचय दिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ रूहानी संगीत समूह द्वारा पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ कीर्तन से हुआ। ‘सुन्नखी पंजाबन’ का उद्देश्य प्रतिभा को अवसर देने के साथ-साथ पंजाबी भाषा, संस्कृति और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा बेटियों में आत्मविश्वास और नेतृत्व की भावना को प्रोत्साहित करना है। डॉटर्स डे पर आयोजित यह समारोह इसी विचार को समर्पित रहा।

संस्कृति और समाज से जुड़ी प्रसिद्ध हस्तियों तेजशवर सिंह और गुरप्रीत सिंह (सिंह साब) जैसे अतिथियों की उपस्थिति ने मंच की शोभा में चार चाँद लगा दिए। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में ऐशली कौर रीन (भांगड़ा क्वीन), प्रिटी कौर (Mrs. India USA), राजन औजला (भांगड़ा कोच), जीत मथारू (इन्फ्लुएंसर), मीशा सरोवाल (अभिनेत्री) और नज़्म कौर (भांगड़ा कोच) शामिल रहे।

डॉ. अवनीत कौर भाटिया ने कहा कि “सुन्नखी पंजाबन केवल सौंदर्य प्रतियोगिता नहीं, बल्कि पंजाबी विरासत के संरक्षण और बेटियों को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का मंच है। पंजाब की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने की क्षमता रखती हैं और यह मंच उन्हें अपनी प्रतिभा के साथ सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का अवसर देता है।”

प्रतियोगिता में प्रथम विजेता मान्या शर्मा को ₹5,100, प्रथम रनर-अप वंशिका मनहास को ₹3,100 और द्वितीय रनर-अप हरनीत कौर एवं रनजोत कौर को ₹2,100 का नकद पुरस्कार तथा सग्गी फूल प्रदान किए गए। उत्तराखंड वेंचर्स की ओर से विजेता को जिम कॉर्बेट की यात्रा, तथा रनर-अप को अमृतसर यात्रा का उपहार दिया गया।

प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को विशेष उपहार देकर सम्मानित किया गया। आठ वर्षों की अपनी यात्रा में ‘सुन्नखी पंजाबन’ ने पंजाबी संस्कृति के संरक्षण के साथ बेटियों के सम्मान, आत्मविश्वास और सशक्तिकरण को एक साथ आगे बढ़ाया है। डॉटर्स डे पर आयोजित सीजन-8 का ग्रैंड फिनाले इसी संदेश का उत्सव बना कि बेटियां अपनी संस्कृति की वाहक होने के साथ-साथ हर मंच पर अपनी पहचान बनाने में सक्षम हैं।

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