दिल्ली एनसीआर

कफ सिरप से हुई बच्चों की मृत्यु का जिम्मेदार सरकारी विभाग :खोसला

दिल्ली प्रदेश नेशनल पैंथर्स पार्टी के अध्यक्ष राजीव जोली खोसला ने आज कड़े शब्दों में सरकारों की निंदा करते हुए कहा की राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुई कफ सिरप से बच्चों की मौत के जिम्मेदार सरकार है किसी भी प्रकार का दवाई बनाने वाली कंपनियों पर सरकारी खौफ नहीं है क्योंकि स्वास्थ्य व्यवस्था जरूर से ज्यादा कमाई का साधन बन चुका है हर केमिस्ट की दुकान पर मिलने वाली दवाइयां की किसी भी प्रकार से गुणवत्ता जांच नहीं होती वही दवाई ₹2000 का पता मिलती है और वहीं से दवाई सेम साल्ट मात्र डेढ़ सौ से ₹200 मै इसका साफ-साफ यही कारण है कि सरकारी विभाग दवाइयां बनाने वाली फैक्ट्री से बेहतशा रिश्वत लेकर अपने बच्चों को ऐसो आराम की जिंदगी व्यतीत करवा रहे हैं मरने वाला आम इंसान जो डॉक्टर की महंगी फीस भी नहीं दे सकता दवाइयां की दुकान पर जाकर दवाई विक्रेता जो दवाई देता है लेकर आ जाता है इस पर भी रोकथाम लगानी चाहिए व स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी को सस्पेंड कर बच्चों की मृत्यु का मुकदमा चलना चाहिए व उनकी चल अचल संपत्ति को भी सरकार के अधीन लेना चाहिए अगर एक या दो उच्च अधिकारियों के साथ ऐसा करेंगे तो नीचे वाले अपने आप ही सुधर जाएंगे अन्यथा सरकारी विभाग में इसी प्रकार कर्मचारियों को तनख्वाह जाती रहेगी और वह दवाई कंपनियों से रिश्वत लेते रहेंगे आज दवाइयां कंपनी डॉक्टर को चाहे वह प्राइवेट हो हो या सरकारी अस्पताल सभी को दवाई लिखने की लग्जरी कारें व अन्य महंगे उपहार तक में देते हैं सरकारी अस्पताल में जो दवाई लिखी जाती है वह नजदीक के दवाई विक्रेताओं पर ही मिलेगी अन्यथा कहीं नहीं इसका कारण महंगे- महंगे उपहार का मिलन सरकार की नजर इस पर क्यों नहीं जाती सरकारी अस्पतालों का हजारों करोड़ का बजट होता है मगर फिर भी वह व्यवस्था नहीं है क्योंकि आदे से ज्यादा बजट की बंदर – बांट हो जाती है सरकार इस पर भी मौन है परेशान आम जनता इस पर शीघ्र अंकुश लगे अगर आप इसे पकड़ पाने में असमर्थ हैं तो गैर सरकारी संस्थाओं का सहारा लें हम भी यह जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं

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