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सिंधी समाज का विभाजन की राख से वैश्विक शिखर तक

जड़ें जमीन से उखड़ सकती हैं लेकिन संस्कारों से नहीं। इसी अटूट संकल्प के साथ सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा एक ऐतिहासिक जापान-कोरिया कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। ​सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया के वरिष्ठ सलाहकार श्री मोहन आहूजा ने इस आयोजन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह यात्रा केवल एक भ्रमण नहीं बल्कि सिंधी समुदाय के ‘विस्थापन से विस्तार’ तक की एक जीवंत काव्यरचना है। ​विभाजन का दंश और उद्यमशीलता का महाकाव्य ​1947 के विभाजन की अग्निपरीक्षा में अपना सब कुछ खो देने के बावजूद सिंधी समाज ने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है। बिना किसी सरकारी सहायता की प्रतीक्षा किए इस पुरुषार्थी समुदाय ने अपनी भाषा, संस्कृति और लोकगीतों को न केवल जीवित रखा बल्कि आज व्यापार जगत के सम्राट के रूप में वैश्विक पटल पर स्वयं को स्थापित किया है।

सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया का अंतरराष्ट्रीय ​जापान कॉन्क्लेव में सिंधु से फुजी तक सांस्कृतिक मिलन तक की यात्रा को ​सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया के संस्थापक अध्यक्ष व पूर्व राज्यसभा सांसद आदरणीय सुरेश केसवानी के मार्गदर्शन और सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया उत्तरी भारत के अध्यक्ष श्री अशोक लालवानी व उनकी टीम के अथक प्रयासों से इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्क्लेव का ढांचा तैयार किया गया है।
​कॉन्क्लेव के मुख्य आकर्षण और​सांस्कृतिक सेतु भगवान श्री झूलेलाल के वसुधैव कुटुंबकम के संदेश को जापान की देवतुल्य धरती तक पहुँचाना। इसमें​व्यापारिक साझेदारी के साथ साथ जापानी नवाचार और तकनीक के साथ MSME क्षेत्र में नए निवेश और रणनीतिक पार्टनरशिप के द्वार खोलना रहेगा। सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया का​ 17 मई को टोक्यो में जापान चैप्टर का भव्य शुभारंभ होगा जिसका नेतृत्व श्री राम पेसुमल कलानी करेंगे। जिससे नई पीढ़ी को लोकल से ग्लोबल की उड़ान भरने के लिए प्रोत्साहित करना। ​

​यह ऐतिहासिक यात्रा 7 मई को प्रस्थान करेगी जिसमें क्रूज़ यात्रा, दक्षिण कोरिया और टोक्यो (जापान) मुख्य पड़ाव होंगे। 19 मई को टोक्यो में मुख्य कॉन्क्लेव का आयोजन होगा और 20 मई को यात्रा का समापन होगा। ​इस आयोजन में देश-विदेश के 250 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिनमें वरिष्ठ IAS अधिकारी, राजनीतिक नेतृत्व और दिग्गज व्यापारिक घराने शामिल हैं। RTW टीम (विनोद और कविता) के नेतृत्व में लॉजिस्टिक्स और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का समन्वय किया जा रहा है। यात्रा के दौरान आने वाली प्रबंधकीय चुनौतियों और प्रीमियम सुविधाओं को लेकर संबंधित एजेंसियों से उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने का आश्वासन प्राप्त कर लिया गया है। ​यात्रा की सफल वापसी के बाद कार्यक्रम को सफल बनाने वाले सहयोगियों का विशेष भव्य सम्मान समारोह में ​जापान की संस्कृति और वहां के अनुभवों का व्याख्यान समाज के सम्मुख रखा जाएगा। साथ ही ​यात्रा को सफल बनाने वाली टीम RTW ट्रेवल एजेंट, कलाकारों और सहयोगियों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा। ​इस समारोह में मीडिया प्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी (IAS), राजनेता और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रमुख शिरकत करेंगे। यह कॉन्क्लेव सिंधी समाज की अदम्य इच्छाशक्ति का प्रतीक है जो विश्व को यह संदेश देगा कि हम केवल जीवित रहना नहीं बल्कि जीतना जानते हैं।

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