डाक कर्मचारियों की विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा

भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और विभागीय नीतियों के संबंध में अपनी चिंताओं को सामने रखते हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। अनंत कुमार पाल ने कहा कि डाक विभाग में लागू की जा रही कुछ सुधारात्मक प्रक्रियाओं और परामर्शदाता संस्थाओं की सिफारिशों को लेकर कर्मचारियों के बीच आशंकाएं हैं। उनका कहना है कि विभिन्न बचत योजनाओं और अन्य कार्यों के लिए निर्धारित लक्ष्यों के कारण कर्मचारियों पर अतिरिक्त कार्यभार और दबाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिस पर गंभीरता से विचार किए जाने की आवश्यकता है।
महासंघ के पूर्व महासचिव एवं संरक्षक संतोष कुमार सिंह ने कहा कि मेल मोटर सेवा तथा सिविल विंग से संबंधित संरचनात्मक परिवर्तनों और विभिन्न संवर्गों के प्रस्तावित विलय को लेकर कर्मचारियों में चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए व्यापक संवाद की आवश्यकता है।
महासंघ के पूर्व महासचिव एवं संरक्षक संतोष कुमार सिंह के अलावा विभिन्न संबद्ध संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे। इनमें भारतीय पोस्टल इम्प्लॉइज एसोसिएशन (पोस्टमैन एवं एमटीएस) के महासचिव ख्याली राम शर्मा, भारतीय रेलवे मेल सेवा क्लास-III (बीआरएमएस-III) के महासचिव राजेश कुमार तथा भारतीय ग्रामीण डाक कर्मचारी संघ (बीजीडीकेएस) के महासचिव दिनेश कुमार राय प्रमुख रूप से शामिल थे। सभी वक्ताओं ने कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों के समाधान के लिए संवाद और सकारात्मक पहल की आवश्यकता पर बल दिया। महासचिव अनंत कुमार पाल ने बताया कि अपनी मांगों के समर्थन में 20 से 27 जुलाई तक कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे। इसके बाद 28 जुलाई को मंडलीय कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा। 5 अगस्त को एक दिवसीय हड़ताल का कार्यक्रम प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि यदि मांगों के संबंध में सकारात्मक पहल नहीं होती है तो 18 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने पर भी विचार किया जाएगा।
अनंत कुमार पाल ने कहा कि संगठन का उद्देश्य कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ देश की सार्वजनिक डाक सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाए रखना है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि सरकार और डाक प्रशासन कर्मचारियों की चिंताओं पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाएंगे।



