पश्चिम बंगाल का युवा रेसिंग ड्राइवर अभिरुप घोष राष्ट्रीय मोटरस्पोर्ट में बना रहा पहचान

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल का एकमात्र मौजूदा फॉर्मूला रेसिंग ड्राइवर अभिरुप घोष भारतीय मोटरस्पोर्ट के राष्ट्रीय मंच पर राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। कार्टिंग से लेकर फॉर्मूला रेसिंग तक का सफर तय करने वाले इस युवा ड्राइवर ने अपनी गति, तकनीकी समझ और प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन से मोटरस्पोर्ट जगत का ध्यान आकर्षित किया है।
कार्टिंग से शुरू हुआ सफर
अभिरुप घोष ने अपने रेसिंग करियर की नींव 2-स्ट्रोक और 4-स्ट्रोक कार्टिंग से रखी। अत्यधिक प्रतिस्पर्धी कार्टिंग श्रेणियों में उन्होंने शानदार रेस क्राफ्ट का प्रदर्शन करते हुए कई पोडियम फिनिश हासिल किए। कार्टिंग में हासिल अनुभव ने उन्हें सिंगल-सीटर फॉर्मूला कारों की ओर बढ़ने के लिए मजबूत आधार प्रदान किया।

फॉर्मूला रेसिंग में दिखी रफ्तार
कार्टिंग के बाद फॉर्मूला कैटेगरी में कदम रखते हुए ड्राइवर अभिरुप घोष ने तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण भारतीय रेस ट्रैक्स पर अपनी गति का प्रदर्शन किया है। Madras International Circuit (MIC) और Kari Motor Speedway जैसे प्रतिष्ठित सर्किटों पर उनके प्रदर्शन में कई बार “Purple Sectors” दर्ज किए गए हैं। मोटरस्पोर्ट में Purple Sector का अर्थ उस समय से है जब ड्राइवर किसी विशेष सेक्टर में सभी प्रतिभागियों के मुकाबले सबसे तेज लैप टाइम दर्ज करता है।
यह प्रदर्शन उनकी कच्ची गति के साथ-साथ ट्रैक की तकनीकी परिस्थितियों को समझने और उनका लाभ उठाने की क्षमता को भी दर्शाता है।
2027 में बड़े मुकाबलों की तैयारी
अब अभिरुप की नजर 2027 के भारतीय घरेलू मोटरस्पोर्ट सीजन पर है। आगामी सीजन में वह देश की प्रमुख रेसिंग प्रतियोगिताओं में अपनी दावेदारी पेश करने की तैयारी कर रहे हैं, जिनमें MRF Championship और JK Tyre Novice Cup प्रमुख हैं।
पश्चिम बंगाल से फॉर्मूला रेसिंग के राष्ट्रीय मंच तक पहुंचे इस युवा प्रतिभाशाली ड्राइवर का लक्ष्य आगामी सीजन में लगातार बेहतर प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत करना है।
कार्टिंग से फॉर्मूला रेसिंग तक का यह सफर न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि पश्चिम बंगाल के लिए भी भारतीय मोटरस्पोर्ट के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



