ओटोबॉक ने भारत में आयोजित पहली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 8 पदक जीतकर पैरा स्पोर्ट्स को बढ़ावा दिया

ओटोबॉक ने भारत में पहली बार आयोजित 12वीं वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आठ दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में 100 से ज्यादा देशों के 1,000 से अधिक एथलीटों ने 186 पदक स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। इस आयोजन में डॉ. मनसुख एल. मंडाविया, श्रीमती रक्षा निखिल खड़से, श्रीमती रेखा गुप्ता, श्री आशीष सूद और इंडियन ऑयल नई दिल्ली 2025 डब्ल्यूपीए चैंपियनशिप की ब्रांड एंबेसडर सुश्री कंगना रनौत जैसी जानी-मानी हस्तियां शामिल हुईं।
ओटोबॉक की समर्पित टीम ने प्रोस्थेटिक उपकरणों, ऑर्थोटिक्स और व्हीलचेयर में लगभग 300 एक्सपर्ट रिपेयर्स और सटीक एडजस्टमेंट किए, जिससे एथलीट पूरे आत्मविश्वास और निरंतरता के साथ प्रतिस्पर्धा कर सके। ऑन-साइट टेक्निकल सर्विस सेंटर एथलीटों के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा रहा,ओटोबॉक टेक्नोलॉजी का उपयोग करने वाले एथलीटों ने चैंपियनशिप के दौरान 4 स्वर्ण और 4 रजत पदक हासिल किए, यह पैरा स्पोर्ट में मोबिलिटी के आधुनिक समाधानों के प्रभाव को दर्शाता है।
ओटोबॉक इंडिया के प्रबंध निदेशक मैट्स फ्रैंक ने कहा, “बतौर आधिकारिक तकनीकी सेवा प्रदाता, ओटोबॉक को भारत की पहली वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 1,000 से ज्यादा वैश्विक एथलीटों की मदद करने का गर्व है। पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा, “लचीलापन, दृढ़ संकल्प और समर्थन हर असाधारण प्रदर्शन के पीछे की ताकत है। नई दिल्ली में आयोजित 2025 वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में, ओटोबॉक ने हमारे एथलीटों के साथ कदम से कदम मिलाकर उनकी गतिशीलता और आत्मविश्वास सुनिश्चित किया, जिससे वे सीमाओं को तोड़कर दुनिया को प्रेरित कर सके। हम इस महत्वपूर्ण आयोजन में ओटोबॉक का साथ पाकर उनके आभारी हैं।”
1988 से, ओटोबॉक ने विश्व स्तर पर पैरा स्पोर्ट के लिए तकनीकी सेवाओं का मानक स्थापित किया है। समावेशी गतिशीलता समाधानों और एथलीटों की देखभाल में निरंतर निवेश इस खास आयोजन में दिखता है। ओटोबॉक नियमित रूप से सामुदायिक कार्यशालाएं और प्रशिक्षण आयोजित करता है, और स्थानीय भागीदारों के साथ मिलकर उन्नत प्रोस्थेटिक और ऑर्थोटिक तकनीक की जानकारी और पहुंच बढ़ाता है।



