केंद्रीय राज्य पशुपालन एवं डेयरी मंत्री ने दिल्ली में “अमूल स्वच्छ ईंधन रैली” का किया स्वागत

भारत में प्रति वर्ष 26 नवंबर को “राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” के रूप में मनाया जाता है। सरदार वल्लभभाई पटेल से प्रेरित डेयरी सहकारी आंदोलन ने 1946 में अमूल का गठन किया जिसमें धीरे धीरे देश के लाखों किसान जुड़ते गए। जिससे भारत दुनिया में दूध का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया।
अमूल ने डॉ. वर्गीस कुरियन की जयंती मनाने और “राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” के उपलक्ष्य पर चार स्वच्छ ईंधन रैलियां आयोजित की। इन रैलियों का उद्देश्य सर्कुलर इकोनॉमी और बायोसीएनजी के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था। इस दौरान रैलियां स्वच्छ ईंधन के उपयोग से किसानों की आजीविका में सुधार और पर्यावरण में योगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाते हुए निकली। मारुति सुजुकी और बजाज ऑटो द्वारा संचालित अमूल स्वच्छ ईंधन रैली हिम्मतनगर, कोलकाता, पुणे और जम्मू में शुरू हुई थी। कुल मिलाकर 5,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय करते हुए यह रैली दिल्ली में संपन्न हुई, जहां यह 26 नवंबर को भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी मंत्रालय द्वारा आयोजित “राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” समारोह का हिस्सा बनी।
अमूल के 77 से अधिक राइडर्स सर्कुलर इकोनॉमी और सतत पर्यावरण के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए स्वच्छ ईंधन रैली में शामिल हुए। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने डेयरी सहकारी समितियों की विरासत का सम्मान करते हुए सर्कुलर अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों और सतत पर्यावरण के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न राज्य सहकारी समितियों, संस्थानों और किसानों से मिलते हुए गए। “राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” मनाने के लिए रैली का समापन दिल्ली में हुआ, जहां देश के विभिन्न हिस्सों से शुरू हुई रैलियों ने मिलकर धौला कुआं से मानेकशॉ एन्क्लेव, दिल्ली तक अपना अंतिम पड़ाव तय किया।

श्रीमती अलका उपाध्याय सचिव (DAHD) ने रैलियों को हरी झंडी दिखाई । इस अवसर पर GCMMF (अमूल) के अध्यक्ष श्री शामलभाई बी पटेल, GCMMF (अमूल) के उपाध्यक्ष श्री वालमजी हुम्बल, डॉ. वर्गीस कुरियन की पुत्री सुश्री निर्मला कुरियन, GCMMF (अमूल) के प्रबंध निर्देशक श्री जयेन मेहता और डीएएचडी के निर्देशक मंडल और अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति थी।
श्रीमती अलका उपाध्याय ने यह भी उल्लेख किया कि वह दूध उत्पादकता में सुधार के प्रयासों और डीएएचडी द्वारा इसके लिए उठाए जा रहे विभिन्न कदमों को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। मानेकशॉ सेंटर, दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय दुग्ध दिवस समारोह में, मुख्य अतिथि श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह), माननीय पशुपालन और डेयरी मंत्री, भारत सरकार ने उचित मूल्य सुनिश्चित करने में सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सहकारिता यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है कि किसानों को उनकी उपज के लिए उचित मूल्य मिले।
इस कार्यक्रम में श्री नरेन्द्र मोदी ने भारत में सहकारी आंदोलन के व्यापक पैमाने पर प्रकाश डाला, जहां हर पांच में से एक व्यक्ति सहकारी समिति का सदस्य है। उन्होंने यह भी कहा कि डेयरी सहकारी समितियों के साथ स्वतंत्रता आंदोलन ने एक नई दिशा ली और डेयरी सहकारी संस्था ‘अमूल’ अब दुनिया के शीर्ष ब्रांडों में से एक है। माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह और भारत में संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि श्री शोम्बी शार्प ने भी भारत में सहकारी आंदोलन के ध्वजवाहक के रूप में अमूल की सराहना की। “राष्ट्रीय दुग्ध दिवस” के उपलक्ष्य में और भारत के डेयरी उद्योग में सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका को प्रदर्शित करने के लिए 26 नवंबर को भारत मंडपम में ICA के वैश्विक सम्मेलन में सभी प्रतिनिधियों के लिए अमूल की राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म “मंथन” की एक स्पेशल स्क्रीनिंग भी आयोजित की गई।



