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AI, SaaS और मिड-लेवल टैलेंट के दम पर भारत के स्टार्टअप सेक्टर में 2026 में लगभग 14,000 नई नौकरियों का अनुमान: foundit

एशिया के प्रमुख जॉब्स और टैलेंट प्लेटफॉर्म foundit की नई foundit Insights Tracker रिपोर्ट के अनुसार, भारत का स्टार्टअप हायरिंग परिदृश्य अब बड़े पैमाने पर भर्ती से हटकर विशेषज्ञता और उत्पादकता आधारित मॉडल की ओर बढ़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में स्टार्टअप नौकरियों में साल-दर-साल 12% बढ़ने का अनुमान है। अप्रैल 2025 में 1,16,080 नौकरियों की तुलना में अप्रैल 2026 में यह संख्या बढ़कर 1,30,010 हो गई, यानी एक वर्ष में लगभग 14,000 नई नौकरियां जुड़ीं।

रिपोर्ट में तकनीक आधारित हायरिंग की तेज़ बढ़त सामने आई है। स्टार्टअप नौकरियों में आईटी सर्विसेज़ की हिस्सेदारी 34% रही, जबकि Emerging Tech / AI और SaaS का योगदान लगभग 14% रहा। आईटी हायरिंग के भीतर AI और डेटा से जुड़े रोल्स की हिस्सेदारी 24% से बढ़कर 32% हो गई है। इसका मतलब है कि अब स्टार्टअप्स की हर तीन टेक्नोलॉजी हायरिंग में से लगभग एक AI आधारित भूमिका के लिए हो रही है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम का विस्तार भी लगातार जारी है। 2025 में जहां देश में लगभग 1,61,150 स्टार्टअप्स थे, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर करीब 1,72,000 हो गई। “भारत का स्टार्टअप हायरिंग बाजार अब एक अधिक परिपक्व चरण में प्रवेश कर रहा है,” foundit के CEO तरुण सिन्हा ने कहा। “अब स्टार्टअप्स केवल विस्तार के लिए भर्ती नहीं कर रहे, बल्कि क्षमता, उत्पादकता और बिजनेस इम्पैक्ट को ध्यान में रखकर टैलेंट चुन रहे हैं। AI आधारित भूमिकाओं की बढ़ती मांग, मिड-लेवल प्रोफेशनल्स की मजबूत हिस्सेदारी और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों से बढ़ती भागीदारी यह दिखाती है कि यह इकोसिस्टम अब अधिक गहराई, विविधता और स्किल-आधारित विकास की ओर बढ़ रहा है।”

स्टार्टअप हायरिंग ग्रोथ ट्रैजेक्टरी

पिछले तीन वर्षों में भारत में स्टार्टअप हायरिंग में मजबूत वृद्धि देखने को मिली है, हालांकि अब यह वृद्धि अधिक संतुलित और स्थिर चरण में प्रवेश कर रही है।

अवधि

स्टार्टअप नौकरियां

YoY वृद्धि

अप्रैल 2024

88,020

14%

अप्रैल 2025

1,16,080

32%

अप्रैल 2026

1,30,010

12%

पिछले तीन महीनों में स्टार्टअप हायरिंग में 6% की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पूरे 2026 के लिए 12% वार्षिक वृद्धि का अनुमान है। हालांकि 2025 की 32% वृद्धि की तुलना में गति थोड़ी धीमी हुई है, लेकिन भर्ती का फोकस अब AI, डेटा, प्रोडक्ट, कंसल्टिंग, हेल्थकेयर और फिनटेक जैसे हाई-वैल्यू रोल्स पर अधिक है।

आईटी सर्विसेज़ सबसे बड़ा हायरिंग सेक्टर

टेक्नोलॉजी आधारित सेक्टर्स स्टार्टअप रोजगार में सबसे आगे बने हुए हैं। आईटी सर्विसेज़ की हिस्सेदारी अप्रैल 2025 के 32% से बढ़कर अप्रैल 2026 में 34% हो गई।

इंडस्ट्री

अप्रैल 2023

अप्रैल 2024

अप्रैल 2025

अप्रैल 2026

IT Services

20%

23%

32%

34%

BFSI / Fintech

11%

10%

11%

12%

Healthcare

7%

6%

9%

11%

Internet

12%

9%

8%

7%

BPM / BPO

6%

6%

7%

7%

Education / E-learning / Edtech

8%

8%

5%

3%

Media & Entertainment

7%

6%

3%

3%

टियर-2 और टियर-3 शहरों की बढ़ती हिस्सेदारी

स्टार्टअप हायरिंग अब बड़े महानगरों से आगे बढ़कर छोटे शहरों में भी तेज़ी से फैल रही है।

शहर श्रेणी

अप्रैल 2024

अप्रैल 2025

अप्रैल 2026

Tier-1

91%

69%

64%

Tier-2 / Tier-3

9%

31%

36%

टियर-2 और टियर-3 शहर अब कुल स्टार्टअप नौकरियों में 36% हिस्सेदारी रखते हैं, जो अप्रैल 2024 में केवल 9% थी। इसका कारण महानगरों के बाहर स्किल्ड टैलेंट की उपलब्धता, कम ऑपरेटिंग कॉस्ट और डिस्ट्रिब्यूटेड टीम्स का बढ़ना है।

जयपुर, इंदौर, कोच्चि और कोयंबटूर जैसे उभरते शहर तेजी से स्टार्टअप हब बन रहे हैं। जयपुर और इंदौर प्रत्येक लगभग 3% स्टार्टअप नौकरियों में योगदान दे रहे हैं, जबकि कोच्चि और कोयंबटूर की हिस्सेदारी लगभग 2% है। ये शहर लगभग 12% नए स्टार्टअप्स का भी प्रतिनिधित्व करते हैं।

बेंगलुरु अब भी सबसे बड़ा स्टार्टअप हायरिंग हब, हैदराबाद की हिस्सेदारी बढ़ी

बेंगलुरु भारत का सबसे बड़ा स्टार्टअप हायरिंग सेंटर बना हुआ है, हालांकि स्टार्टअप गतिविधियों के अन्य शहरों में फैलने से इसकी हिस्सेदारी में गिरावट आई है।

स्थान

अप्रैल 2023

अप्रैल 2024

अप्रैल 2025

अप्रैल 2026

Bengaluru

33%

31%

21%

20%

Delhi / NCR

21%

23%

14%

14%

Mumbai

17%

18%

11%

10%

Hyderabad

3%

5%

8%

10%

Pune

14%

9%

8%

7%

Chennai

4%

5%

7%

8%

मिड-लेवल टैलेंट की मांग में तेज़ बढ़ोतरी

स्टार्टअप्स अब ऐसे अनुभवी प्रोफेशनल्स को प्राथमिकता दे रहे हैं जो तेज़ी से काम संभाल सकें और बिजनेस परिणाम दे सकें।

अनुभव स्तर

अप्रैल 2025

अप्रैल 2026

0–3 वर्ष

41%

36%

4–6 वर्ष

28%

31%

7–10 वर्ष

15%

17%

11–15 वर्ष

11%

11%

15+ वर्ष

5%

5%

एंट्री-लेवल हायरिंग की हिस्सेदारी 2025 के 41% से घटकर 2026 में 36% रह गई, जबकि 4-10 वर्षों के अनुभव वाले प्रोफेशनल्स अब कुल हायरिंग का 48% हिस्सा हैं। यानी 2026 में हर दो में से लगभग एक स्टार्टअप हायर मिड-लेवल प्रोफेशनल होगा। यह बदलाव AI, प्रोडक्ट, इंजीनियरिंग, सेल्स, कंसल्टिंग और बिजनेस ऑपरेशंस जैसे क्षेत्रों में अधिक विशेषज्ञ और execution-ready टैलेंट की मांग को दर्शाता है।

सैलरी ट्रेंड्स: ₹3–10 लाख वार्षिक पैकेज स्टार्टअप हायरिंग का मुख्य आधार

स्टार्टअप्स की अधिकांश भर्ती मिड-मार्केट सैलरी बैंड में केंद्रित है, जबकि हाई-स्किल रोल्स के लिए चुनिंदा प्रीमियम पैकेज भी दिए जा रहे हैं।

सैलरी बैंड

स्टार्टअप नौकरियों में हिस्सेदारी

प्रमुख संकेत

₹0–6 LPA

54%

एंट्री और शुरुआती मिड-लेवल रोल्स प्रमुख

₹6–15 LPA

34%

मुख्य मिड-लेवल हायरिंग बैंड

₹15–50 LPA

10%

हाई-स्किल और niche रोल्स

₹50 LPA+

~2%

लीडरशिप और विशेष प्रतिभा

करीब 70% स्टार्टअप नौकरियां ₹3-10 लाख वार्षिक वेतन सीमा में केंद्रित हैं, जो execution-ready मिड-लेवल टैलेंट की मजबूत मांग को दर्शाता है। ₹15 लाख या उससे अधिक वेतन वाली भूमिकाएं कुल हायरिंग का लगभग 12% हिस्सा हैं, जिनमें AI, प्रोडक्ट, टेक्नोलॉजी लीडरशिप, डेटा साइंस और बिजनेस स्ट्रेटेजी जैसे क्षेत्रों की विशेषज्ञ भूमिकाएं शामिल हैं। वहीं ₹3 लाख से कम वेतन वाली एंट्री-लेवल नौकरियों का महत्व धीरे-धीरे घट रहा है क्योंकि स्टार्टअप्स अब अधिक स्किल-आधारित हायरिंग पर ध्यान दे रहे हैं।

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