फोर्टिस गुरुग्राम ने 2,500 बोन मैरो ट्रांसप्लांट करने की उपलब्धि दर्ज करायी, एडवांस ब्लड डिसॉर्डर केयर के माध्यम से लोगों की जिंदगियों में बदलाव को किया साकार

फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफएमआरआई), गुरुग्राम ने वयस्क और बाल मरीजों की अब तक 2,500 से अधिक सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट (बीएमटी/अस्थि मज्जा प्रत्यारोपण) करने की उपलब्धि अपने नाम दर्ज दर्ज कराते हुए, भारत में ब्लड एवं मैरो ट्रांसप्लांटेशन के अग्रणी केंद्रों में से एक के तौर पर अपनी साख बढ़ायी है। पिछले कुछ वर्षों में, इस प्रोग्राम ने ल्यूकीमिया, लिंफोमा, मल्टीपल मायलोमा, एप्लास्टिक एनीमिया, थैलसीमिया, सिकल सैल डिज़ीज़, मायलोडिस्प्लास्टिक सिंड्रोम, इम्यून डेफिशिएंसी डिसऑर्डर और अन्य कई दुर्लभ किस्म की हेमेटोलॉजिकल कंडीशंस से ग्रस्त मरीजों के इलाज के मामले में परिणामों को काफी हद तक बदला है। पिछले दशक में बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन में भी व्यापक रूप से बदलाव आया है। एक समय था जब इसे स्पेश्यलाइज़्ड और केवल मुट्ठी-भर मरीजो के लिए उपलब्ध अंतिम उपचार विकल्प माना जाता था, और आज ऐसी सटीक थेरेपी के तौर पर इसकी साख है जिसे जिनोमिक्स, डोनर मैचिंग, सैलुलर थेरेपी, और पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल्स में हुई प्रगति का भी सपोर्ट हासिल है। इसी तरह, हैपलोआइडेंटिकल (हाफ मैच्ड) डोनर ट्रांसप्लांटेशन, हाइ रेज़ोल्यूशन एचएलए टाइपिंग, मिनीमल रेसीडुअल डिज़ीज़ (एमआरडी)-गाइडेड उपचार संबंधी फैसलों, जिनोमिक रिस्क स्ट्रेटिफिकेशन, पोस्ट-ट्रांसप्लांट साइक्लोफोसफामाइड (ग्राफ्ट बनाम होस्ट डिज़ीज़ प्रीवेंशन), तथा सीएआर-टी सेल थेरेपी ने परिणामों में काफी सुधार किए हैं और ट्रांसप्लांटेशन तक पहुंच को सुगम बनाया है।
फोर्टिस गुरुग्राम में, बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन (बीएमटी) प्रोग्राम को विभिन्न विशेषज्ञताओं से जुड़े विशेषज्ञों – हेमेटोलॉजिस्ट, हेमेटो-ओंकोलॉजिस्ट, पिडियाट्रिक ट्रांसप्लांट स्पेश्यलिस्ट, मॉलीक्यूलर डायग्नॉस्टिक्स एक्सपर्ट, ट्रांसफ्यूज़न मेडिसिन स्पेश्यलिस्ट, इंटेंसिविस्ट, संक्रामक रोग चिकित्सकों, नर्सों, आहार विशेषज्ञों एवं पुनर्वास पेशेवरों के सहयोग से संचालित किया जाता है। यह केंद्र कई देशों, मुख्यतः अफ्रीका महाद्वीप के विभिन्न देशों से यहां इलाज के लिए आए मरीजों समेत उन अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए पसंदीदा उपचार केंद्र बन चुका है जो उन्नत और किफायती ट्रांसप्लांट केयर का लाभ उठाना चाहते हैं।
डॉ राहुल भार्गव, प्रिंसीपल डायरेक्टर एंड चीफ – हेमेटोलॉजी, हेमेटोलॉजी- ओंकोलॉजी एंड बोन मैरो ट्रांसप्लांट, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम ने कहा, “2,500 बोन मैरो ट्रांसप्लांट की उपलब्धि हासिल करना केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह इस बात को भी दर्शाता है कि हमने 2,500 जिंदगियों का स्पर्श किया है और अनगिनत परिवारों के लिए उम्मीद की किरण जगायी है। हर ट्रांसप्लांट एक ऐसा सफर होता है जिसके लिए क्लीनिकल दक्षता, टेक्नोलॉजी के स्तर पर इनोवेशन, मल्टीडिसीप्लीनरी टीम भावना के साथ-साथ, मरीजों एवं उनके परिजनों को असाधारण रूप से दृढ़ता तथा लचीलेपन का परिचय देना होता है। यह देखना काफी उत्साहजनक है कि ट्रांसप्लांटेशन की प्रक्रिया पिछले वर्षों में किस प्रकार बदली है।
डॉ विकास दुआ, प्रिंसीपल डायरेक्टर एंड हेड – पिडियाट्रिक हेमेटोलॉजी, हेमेटो-ओंकोलॉजी एंड बीएमटी, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम ने कहा, “ब्लड कैंसर, थैलसीमिया, एप्लास्टिक एनीमिया और इम्यून डेफिशिएंसी डिसआर्डर जैसी कंडीशन से ग्रस्त बच्चों के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन उनके जीवन में व्यापक तौर पर बदलाव लाने वाले और अक्सर जीवनरक्षक साबित होते हैं। हमारा उद्देश्य केवल जीवन बचाना ही नहीं होता, बल्कि बच्चों को दोबारा स्कूल जाने में समर्थ बनाना, उनका बचपन लौटाना और उन्हें स्वस्थ तथा उपयोगी जीवन जीने लायक बनाना होता है। इस उपलब्धि ने हमारे इंटीग्रेटेड पिडियाट्रिक एवं एडल्ट ट्रांसप्लांट प्रोग्राम की ताकत के साथ-साथ, देश-विदेश से हमारे यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के लिए वर्ल्ड-क्लास केयर प्रदान करने की हमारी प्रतिबद्धता भी दोहरायी है।”
श्री यश रावत, सीनियर वाइस प्रेसीडेंट एंड एसबीयू हेड, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम, ने कहा, “इस उपलब्धि ने मरीजों के लिए सार्थक परिणाम उपलब्ध कराने की फोर्टिस हेल्थकेयर की प्रतिबद्धता दर्शाने के साथ-साथ स्पेश्यलाइज़्ड क्लीनिकल प्रोग्रामों को तैयार करने की हमारी दक्षता को भी प्रदर्शित किया है। भारत ने विशेषज्ञता, इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतर डोनर उपलब्धता और लगातार बढ़ रही जागरूकता के आधार पर बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। एफएमआरआई में, हम हेमेटोलॉजी, ट्रांसप्लांटेशन, सैलुलर थेरेपी और प्रिसीजन मेडिसिन के क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को मजबूत बनाने पर जोर देते हैं ताकि अधिक से अधिक मरीजों को अपने घरों के नजदीक जीवन-रक्षक उपचार सुविधाओं का लाभ मिल सके।”
फोर्टिस हेल्थकेयर लिमिटेड भारत में अग्रणी एकीकृत स्वास्थ्य सेवा प्रदाता है। कंपनी के हेल्थकेयर वर्टिकल्स में मुख्यतः अस्पताल, डायग्नॉस्टिक्स तथा डे केयर विशेषज्ञ सेवाएं शामिल हैं। वर्तमान में, कंपनी देश भर के 12 राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में कुल 36 हेल्थकेयर सुविधाओं )जिनमें जेवी और ओ एंड एम शामिल हैं) का संचालन करती है। कंपनी के नेटवर्क में 6,000 से अधिक ऑपरेशनल बेड्स (ओ एंड एम समेत) तथा 400 डायग्नॉस्टिक्स लैब्स शामिल हैं।



