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आईएमगेम कॉन्क्लेव 2024 ने भारतीय खेलों के भविष्य को दिया आकार

आईएमगेम कॉन्क्लेव 2024 में सफलतापूर्वक अग्रणी लोगों, एथलीट्स और उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। दो दिवसीय आयोजन के दौरान भारतीय खेलों के समक्ष आने वाली प्रमुख चुनौतियों पर प्रभावी विमर्श हुआ। कॉन्क्लेव 2024 प्रमुख नेताओं, एथलीटों और उद्योग विशेषज्ञों को सफलतापूर्वक एक साथ लाया, जिसका उद्घाटन खो-खो महासंघ के अध्यक्ष श्री सुधांशु मित्तल ने किया। साथ ही कार्यक्रम में जसपाल राणा, हरमनप्रीत सिंह, रंजन सोढ़ी, उदित शेठ, निखत ज़रीन, नम्रता पारेख, अपर्णा पोपट और रथींद्र बसु जैसे प्रमुख वक्ताओं ने भारतीय खेलों के विकास और वैश्विक क्षमता पर बहुमूल्य अंतर्दृष्टि साझा की।

संस्थापक करण छेत्री और सह-संस्थापकों समित गर्ग, पूनम लाल एवं मनदीप मल्होत्रा के नेतृत्व में आयोजित कॉन्क्लेव के माध्यम से भारतीय खेल व्यवस्था के समक्ष आने वाली सर्वाधिक गंभीर चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की गई।

हरमनप्रीत सिंह, रंजन सोढ़ी, उदित सेठ, निखत जरीन, नम्रता पारेख, अपर्णा पोपट और रथिंद्रा बसु जैसे एथलीट्स एवं उद्योग जगत के अग्रणी लोग शामिल रहे। इन सभी हस्तियों ने भारतीय खेलों में हो रहे बदलावों को लेकर अपने विचार साझा किए। आईएमगेम कॉन्क्लेव 2024 मात्र एक आयोजन नहीं है। यह अपने आप में एक अपील है।

आईएमगेम के संस्थापक करण छेत्री ने कहा, ‘कॉन्क्लेव केवल संवाद पर ही केंद्रित नहीं, बल्कि इसमें साझेदारी बढ़ाने और भारत में खेलों के भविष्य को आकार देने वाले कदमों की नींव रखने पर भी फोकस किया गया।’ आईएमगेम ने इनोवेशन के लिए प्रेरित किया है, समावेश को बढ़ावा दिया है और अर्थपूर्ण विमर्श के लिए साझा माहौल को बढ़ावा देते हुए नई पीढ़ी के एथलीट्स को सशक्त किया है।

सह-संस्थापक मनदीप मल्होत्रा ने कहा, ‘आईएमगेम के माध्यम से हमने साझेदारी का एक प्लेटफॉर्म बनाया है, जिससे भारतीय खेलों का बेहतर भविष्य सुनिश्चित हो।’ दो दिवसीय कॉन्क्लेव के दौरान भारतीय खेलों को नई ऊंचाई पर पहुंचाने की राह बनी, जिसे महत्वाकांक्षाओं एवं विचारों से ताकत मिली है।

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