‘स्केल सस्टेनेबली विद टाटा पावर’ का आयोजन किया।

पुणे में अपने प्रमुख ग्राहक संपर्क कार्यक्रम ‘स्केल सस्टेनेबली विद टाटा पावर’ का आयोजन किया। यह पहल महाराष्ट्र के उन बड़े उद्योगों (वाणिज्यिक एवं औद्योगिक सेक्टर) के लिए सोलर और बैटरी स्टोरेज (BESS) अपनाना आसान बनाती है जहाँ बिजली की खपत बहुत ज़्यादा है।
“सस्टेनेबल एज” (Sustainable Edge) नाम की यह पहल विशेष रूप से स्टील, ऑटोमोटिव, डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग जैसे उद्योगों के लिए तैयार की गई है। ये ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ बिजली के खर्च में कटौती करना, पर्यावरण नियमों का पालन करना और लंबे समय तक मुनाफे को बचाए रखना सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य होते हैं।
‘स्केल सस्टेनेबली विद टाटा पावर’ के पुणे एडिशन के साथ, टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड ने महाराष्ट्र के औद्योगिक क्षेत्र के साथ साझेदारी करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। इसका उद्देश्य उद्योगों को सोलर निवेश पर बेहतर रिटर्न (High-IRR) दिलाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने, बिजली की लागत में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने और भारत के सतत विकास के लक्ष्य को मज़बूत करने में मदद करना है।
वाणिज्यिक और औद्योगिक ग्राहकों के लिए एक स्ट्रैटेजिक बिज़नेस माध्यम
औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए, छत पर सोलर पैनल लगवाना अब सिर्फ पर्यावरण बचाने का तरीका नहीं रह गया है—बल्कि यह पैसों की बचत और कामकाज को बेहतर बनाने का एक बड़ा फायदा है।
टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड ग्राहकों को निम्नलिखित लाभ प्रदान करता है:
* 3-5 वर्षों के भीतर निवेश की वसूली (Payback) करना।
* इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (IRR) में सुधार और मुनाफा (EBITDA margins) बढ़ाना।
* ग्रिड से ली जाने वाली बिजली की खपत में बड़ी कटौती करना।
* संचालन खर्च कम करके सालाना कैश फ्लो को बढ़ाना।
* बिजली की बढ़ती दरों के जोखिम से सुरक्षा पाना।
* कार्बन उत्सर्जन कम करने और ESG (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) प्रतिबद्धताओं को पूरा करना।
* 25+ वर्षों का सुरक्षित संपत्ति जीवन, जो लंबे समय तक निश्चित रिटर्न सुनिश्चित करता है।
सोलर सिस्टम का लंबा कार्यशील जीवन यह सुनिश्चित करता है कि निवेश की वसूली के बाद भी दशकों तक बचत जारी रहे, जिससे औद्योगिक कार्यों की वित्तीय स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार होता है।
महाराष्ट्र: सोलर ऊर्जा का तेजी से बढ़ता बाज़ार टाटा पावर रिन्यूएबल्स एनर्जी लिमिटेड ने महाराष्ट्र में रूफटॉप सोलर लगाने के मामले में अपनी अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों में 126.33 MWp रूफटॉप क्षमता और 100 MW ग्रुप कैप्टिव प्रोजेक्ट्स को सफलतापूर्वक शुरू किया है।
ये प्रोजेक्ट्स महाराष्ट्र की औद्योगिक कड़ियों में हरित ऊर्जा को गहराई से जोड़ते हैं और निवेश-आधारित विस्तार को बढ़ावा देते हैं। देश भर में, टाटा पावर रिन्यूएबल्स एनर्जी लिमिटेड ने 11.6 गीगावाट से अधिक की अक्षय ऊर्जा क्षमता को पार कर लिया है, जो भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव में इसके नेतृत्व को और मज़बूत करता है।
टाटा पावर सोलरूफ (Tata Power Solaroof) पुणे के औद्योगिक क्षेत्रों को बिजली की विश्वसनीयता बढ़ाने, परिचालन लागत कम करने और पर्यावरण लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद करता है। स्वच्छ और कुशल बिजली प्रदान करके, यह ऑटोमोटिव, इंजीनियरिंग, आईटी, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरोस्पेस जैसे उच्च-मांग वाले क्षेत्रों को अधिक मज़बूत और लंबे समय तक प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में सहयोग करता है।



