श्री राम मंदिर के मुख्य शिखर पर लहरा रही धर्म ध्वजा लाखों संतों, कार सेवको, हिन्दू योद्धाओं के बलिदान और तप से किए गए संघर्षों का प्रतीक है : जय भगवान गोयल

अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर के मुख्य शिखर पर जब प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी , मा. श्री सर संघ चालक मोहन भागवत जी व यू.पी के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के साथ जब भगवा ध्वज फैरा रहे थे उस वक्त देश व दुनिया के करोड़ो सनातनी इस आंदोलन में पांच लाख बलिदानियों और 500 साल के लम्बे संघर्ष के बाद इस पल को अपने अपने जीवन का सबसे अतुल्य क्षण मान कर आनंदित हो रहे थे। सियाराम जी के विवाह उत्सव की प्रतीक विवाह पंचमी वृंदावन बांके बिहारी जी का प्रकटोत्सव व श्री गुरू तेक बहादुर जी के सनातन धर्म की रक्षा हेतु दिए गए बलिदान दिवस पर रखा जाना बहुत ही शुभ मंगल संदेश हम सनातनियों को देता है कि भविष्य में बहुत सी शुभ मंगल घटनाएं घटित होने जा रही है।
श्री जय भगवान गोयल अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट व राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रवादी शिवसेना ने कहा कि जब मैं इस पल को टी.वी. पर देख कर निहार रहा था तो मुझे 1990 में मुलायम सिंह की गोलियों से भुने गए कार सेवकों 6 दिसम्बर, 1992 तथाकथित बाबरी ढांचे को गिराने गए और उस समय हिन्दू समाज को एकजुट कर श्री राम मंदिर के लिए प्रेरित करने वाले श्री राम चन्द्र प्रमहंस, मा. श्री अशोक सिंघल, श्री विष्णु हरि डालमिया, महंत अवैध नाथ व श्री बाल ठाकरे जैसे नेताओं को शत्-शत् नमन् कर ह्रदय से धन्यवाद दिया। श्री गोयल ने कहा तथाकथित बाबरी ढांचे को तोड़ने के मामले में अभियुक्त बनाएं जाने, जेल जाने व 28 वर्षों तक कोर्टों के चक्कर काटने का मुझे कतई मलाल नहीं है मुझे लगता है कि श्री राम जी ने हनुमान जी की कृपा से मेरे जैसे एक अदने से कार्यकर्ता को अपने कार्य के लिए चुना।
9 नवम्बर 2019 को सुप्रीम कोर्ट का मंदिर निमार्ण के पक्ष में फैसला , 5 अगस्त 2020 को शिलान्यास, 22 जनवरी 2024 को श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा व 25 नवम्बर, 2025 को ध्वजा रोहण होते देख लग रहा है कि अब वो दिन दूर नहीं जब सनातन का भगवा ध्वज पुरी दूनिया को जीयों और जिने दो और वासुदेव कुटुम्बकम को भाव दिखाएंगा। श्री गोयल ने कहा तथाकथित बाबरी ढांचे को तोड़ने के मामले में अभियुक्त बनाएं जाने, जेल जाने व 28 वर्षों तक कोर्टों के चक्कर काटने का मुझे कतई मलाल नहीं है मुझे लगता है कि श्री राम जी ने हनुमान जी की कृपा से मेरे जैसे एक अदने से कार्यकर्ता को अपने कार्य के लिए चुना।
9 नवम्बर 2019 को सुप्रीम कोर्ट का मंदिर निमार्ण के पक्ष में फैसला , 5 अगस्त 2020 को शिलान्यास, 22 जनवरी 2024 को श्री राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा व 25 नवम्बर, 2025 को ध्वजा रोहण होते देख लग रहा है कि अब वो दिन दूर नहीं जब सनातन का भगवा ध्वज पुरी दूनिया को जीयों और जिने दो और वासुदेव कुटुम्बकम को भाव दिखाएंगा। श्री गोयल ने कहा कि वैसे तो 1947 में देश की स्वतंत्रता के बाद भारत में सभी गुलामी के प्रतिक मिट जाने चाहिए थे मगर देश के अधिकांश राजनैतिक दलों ने हिन्दू समाज के सम्मान की कभी चिंता नहीं की उलटा समय पर श्री राम जन्म भूमि मंदिर मामले में कोई समाधान निकालने की पहल हुई भी तो उसे कोर्ट में जाकर हमेशा श्री राम के ही होने ना होने के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े करते रहें। दुनिया के कई देशों में स्वतंत्रता मिलने के बाद वहां रहे गुलामी के प्रतिकों को मजबूती से मिटाने का काम किया जिसमें पॉलेंड ने रूसी साम्राज्य की ओर से बनवाएं गए ऑर्थाडक्स चर्च को ढहाने का निर्णय एक मिसाल है। जैसे सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया था वैसे ही अयोध्या, काशी, मथुरा के मंदिरों का भी जीर्णोंद्धार होना चाहिए था। मगर 2014 से पहले रही केन्द्र सरकारों ने इस ओर कभी ज्यादा गम्भीरता से कार्य नहीं किया और अगर थोड़ा बहुत इस मामले का बातजीत के माध्यम से समाधान निकाले का प्रयास भी हुआ तो मुस्लिम तुष्टिकरण करने वाले राजनैतिक दलों ने इस प्रयास को आगे नहीं बढ़ने दिया।
श्री गोयल ने कहा एक तरफ सनातन का वैभव धीरे-धीरे पुरी दुनिया में बढ़ रहा है जिसका जीता जागता प्रमाण है कि 22 जनवारी 2024 से लेकर अभी तक लगभग 45 करोड़ राम भक्त राम लला के अयोध्या पहुंच कर दर्शन कर चुके है। सनातन विरोधी, हिन्दू विरोधी, भारत विरोधी देश और विदेश की कई शक्तियां बार-बार कभी राम मंदिर, कभी काशी विश्वनाथ, कभी भारतीय संसद को उड़ाने व पहलगाम व लालकिले पर हमला करके देश की एकाग्रता को भंग करने का षडयंत्र रचती रहती है। मगर मौजूदा सरकार इस सबके बावजूद भारत को दुनिया की तीसरी आर्थिक शक्ति बनाकर विकसित भारत के रूप में आगे बढ़कर श्री राम जी कृपा से पूरे विश्व में राम राज्य आये इस प्रयास में दिन रात लगन शील है। सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास का जो स्लोगन है कार्यान्वित दिख रहा है मगर आज देश कि सभी सनातनियों को एक जुट होकर मौजूदा सरकार को सहयोग व मजबूती देनी चाहिए ताकि जैसे हमने श्री राम जन्म भूमि मंदिर को अपनी आंखों के सामने बनता हुआ देखा है वैसे ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, श्री कृष्ण जन्म भूमि मंदिर (मथुरा) का भी भव्य स्वरूप हम देख पाये और हमारी आने वाली पीड़िया भी श्रेष्ठ भारत, विकसित भारत, विश्वगुरू भारत, हिन्दू राष्ट्र भारत में अपना जीवन आनन्द मय सुरक्षित होकर जी पायें।
जय श्री राम!!



