दुनिया के सबसे बड़े 5211 किलो वजनी पारद शिवलिंग का निर्माण रघुनाथ गुरुजी ने किया, हरिद्वार में सम्पन्न हुई भव्य प्राण प्रतिष्ठा

उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित श्री साई शिव गंगा धाम में दुनिया के सबसे बड़े 5211 किलोग्राम वजनी पारद शिवलिंग की तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा विधि श्रद्धा, वैदिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुई। इस भव्य आयोजन में देशभर से आए 2000 से अधिक श्रद्धालुओं, साधकों, संत-महात्माओं और विशिष्ट अतिथियों ने भाग लिया। इस विशाल पारद शिवलिंग का निर्माण ध्यान गुरु रघुनाथ गुरुजी ने लगभग दस वर्षों की साधना, अनुसंधान और पारद विज्ञान के गहन अध्ययन के आधार पर किया है। शिवलिंग के निर्माण में पारा, चांदी, स्वर्ण (गोल्ड) तथा 108 प्रकार की जड़ी-बूटियों के अर्क का उपयोग किया गया है।
रघुनाथ गुरुजी ने बताया कि यह शिवलिंग केवल एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि ध्यान, आत्मचिंतन और सकारात्मक चेतना का केंद्र है। उन्होंने कहा कि वर्षों की साधना और अनुसंधान के बाद तैयार यह शिवलिंग मानव कल्याण और आध्यात्मिक जागरण का संदेश देता है। इससे पूर्व वर्ष 2019 में उन्होंने लगभग 10,000 लोगों की सहभागिता के साथ एक विशाल अश्वमेध यज्ञ का आयोजन भी किया था।
तीन दिनों तक चले प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ, ध्यान साधना, आध्यात्मिक प्रवचन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। श्रद्धालुओं ने इसे केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सद्भाव का महापर्व बताया। समारोह में अनेक प्रतिष्ठित संत, धर्माचार्य और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। इनमें परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी जी महाराज, परम पूज्य श्री सुधांशु जी महाराज, परम पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरी जी महाराज, परम पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज, परम पूज्य स्वामी रविन्द्र पुरी जी महाराज, श्री दिनेश चंद्र जी, विश्व हिन्दू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी, साध्वी ऋतंभरा जी, आचार्य मनीष जी (HIIMS), सांसद राघव चड्ढा तथा राज्य मंत्री एवं गंगा सभा अध्यक्ष नितिन गौतम सहित अनेक विशिष्ट अतिथि शामिल रहे। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में उद्योगपति एवं समाजसेवी राजीव बंसल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन की व्यवस्थाओं और समन्वय में उन्होंने सक्रिय योगदान दिया। राजीव बंसल ने कहा, “मैं साईं बाबा का भक्त हूं। बाबा के आशीर्वाद से मुझे इस दिव्य कार्य का हिस्सा बनने का अवसर मिला। यह मेरे लिए सेवा और श्रद्धा का विषय है।”
समारोह के समापन अवसर पर रघुनाथ गुरुजी ने सभी संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से राजीव बंसल के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों से हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति वाला यह विशाल आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका। प्राण प्रतिष्ठा समारोह की सफलता में राजीव बंसल, आदरणीय दादाश्री, मनोज तोषनीवाल परिवार, मनोज गोहद, आईजी तकवाले, ममता जिवाल, तरुण भंडारी, अमित अग्रवाल, रमेश सांवरथिया, डॉलरभाई कोटेचा, सुधीर अग्रवाल, राजू ओसवाल, जितेन्द्र राठी सहित अनेक श्रद्धालुओं और सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



